‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत आयोजित शिविर में लोगों की समस्याओं का समाधान करते अधिकारी।
देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक सीधे पहुंचाने और जनसमस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करने के लिए चलाया जा रहा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान लगातार बड़ा जनसंपर्क अभियान बनता जा रहा है। अभियान के दूसरे चरण में अब तक 1 लाख 34 हजार 740 लोगों ने विभिन्न शिविरों में पहुंचकर भागीदारी की है। वहीं, अभियान के पहले और दूसरे चरण को मिलाकर अब तक साढ़े छह लाख से अधिक लोग इससे जुड़ चुके हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में चल रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी तंत्र को जनता के करीब लाना है। इसके तहत लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय या सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों से संपर्क करने की सुविधा दी जा रही है।
198 शिविरों में 1.34 लाख से ज्यादा लोगों की भागीदारी

दूसरे चरण की शुरुआत 4 जुलाई 2026 से हुई। मानसून के दौरान बारिश और कई क्षेत्रों में मौसम की चुनौती के बावजूद अभियान के तहत अब तक 198 विशेष शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में कुल 1,34,740 लोगों ने भाग लिया।
शिविरों में लोगों ने अलग-अलग विभागों से जुड़ी अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। अभियान के दौरान अब तक 23,219 जन शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 20,808 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया है।
यानी बड़ी संख्या में लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए लंबी प्रक्रिया या अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
81 हजार से ज्यादा लोगों को योजनाओं का लाभ
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का फोकस सिर्फ शिकायतों के समाधान तक सीमित नहीं है। शिविरों में पात्र लोगों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का काम भी किया जा रहा है।
दूसरे चरण के दौरान अब तक 81,753 लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा चुका है। इनमें समाज कल्याण पेंशन, आयुष्मान कार्ड, चिकित्सा उपकरण, कृषि उपकरण और अन्य जरूरी सरकारी सेवाएं शामिल हैं।
इसके अलावा पात्र लोगों के आवश्यक प्रमाणपत्र भी शिविरों में तैयार किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें संबंधित कार्यालयों में अलग से आवेदन करने और कई बार जाने की परेशानी कम हो रही है।
जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर पहुंच रहे अधिकारी
अभियान के तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहते हैं। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में लोगों की समस्याएं सुनी जाती हैं और संभव होने पर उनका समाधान मौके पर ही किया जाता है।
इस व्यवस्था का मकसद सरकारी योजनाओं और सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। खासतौर पर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए स्थानीय स्तर पर इस तरह के शिविर काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
पहले चरण में 5.33 लाख से ज्यादा लोग जुड़े
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान की शुरुआत उत्तराखंड सरकार ने पिछले दिसंबर में 45 दिवसीय विशेष अभियान के रूप में की थी। पहले चरण के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 681 शिविर आयोजित किए गए थे।
इन शिविरों में 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से भागीदारी की थी। इस दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया था।
पहले चरण में मिली व्यापक भागीदारी के बाद अभियान को आगे भी जारी रखा गया। अब दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में लोग सरकारी शिविरों तक पहुंच रहे हैं। दोनों चरणों की भागीदारी को मिलाने पर यह आंकड़ा साढ़े छह लाख से अधिक पहुंच गया है।
सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम करना सरकार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि आम नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। सरकार का प्रयास है कि प्रशासनिक व्यवस्था जनता के करीब जाए और अधिकारी-कर्मचारी खुद लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनें।
इसी सोच के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान को प्रशासन और जनता के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने के माध्यम के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
‘सरलीकरण, समाधान और जनसंतुष्टि’ पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के जरिए प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंचकर शिकायतों का समाधान कर रहा है और पात्र लाभार्थियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार सरलीकरण, समाधान और जनसंतुष्टि के संकल्प के साथ जनता की सेवा के लिए लगातार काम कर रही है।
अभियान के प्रमुख आंकड़े
- दूसरे चरण की शुरुआत: 4 जुलाई 2026
- अब तक आयोजित शिविर: 198
- कुल प्रतिभागी: 1,34,740
- प्राप्त शिकायतें: 23,219
- मौके पर निस्तारित शिकायतें: 20,808
- योजनाओं से लाभान्वित लोग: 81,753
- पहले चरण के शिविर: 681
- पहले चरण में भागीदारी: 5,33,452
- दोनों चरणों की कुल भागीदारी: 6.5 लाख से अधिक
इस अभियान के आंकड़े बताते हैं कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाने की पहल को प्रदेश में व्यापक स्तर पर लोगों की भागीदारी मिल रही है। खासतौर पर स्थानीय स्तर पर शिकायतों के समाधान और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था से आम नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
