खटीमा में आयोजित थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया और एवरेस्ट विजेताओं को सम्मानित किया।
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के विकास, अधिकारों और संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि थारू समाज सहित प्रदेश के सभी जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बेहतर आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बीएसएफ के एवरेस्ट विजेता मोहन सिंह राणा और आईटीबीपी के एवरेस्ट विजेता टीला सेन को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने दोनों पर्वतारोहियों की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।
थारू समाज से पुराना है आत्मीय संबंध: सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि थारू समाज के साथ उनका जुड़ाव आज का नहीं बल्कि वर्षों पुराना है। खटीमा से उनका आत्मीय संबंध हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि थारू जनजाति संवाद महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सरकार और समाज के बीच विश्वास, संवाद और विकास की साझेदारी को मजबूत करने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि सरकार समाज के लोगों की अपेक्षाओं और सुझावों को सुनकर उनके अनुरूप विकास की दिशा तय करने का प्रयास कर रही है।
धर्मांतरण और नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण की रोकथाम के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। राज्य सरकार धर्मांतरण के मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नशे के खिलाफ अभियान चला रही हैं। युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है।
जनजातीय समाज के सशक्तिकरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आजादी के बाद पहली बार जनजातीय समाज के सशक्तिकरण के लिए बड़े स्तर पर काम हुआ है। उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय समाज से होना इस सोच और बदलाव का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय को केवल योजनाओं का लाभ देना ही सरकार का उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
अटल आवास योजना में बढ़ाई गई सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय परिवारों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाया गया है और घर निर्माण की लागत में भी बढ़ोतरी की गई है, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार योजना का लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि ऊधम सिंह नगर जिले में अटल आवास योजना के तहत करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता उपलब्ध कराई गई है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवार लाभान्वित हुए हैं।
PM जनमन योजना से बने 925 घर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत ऊधम सिंह नगर जिले में पहले चरण में 824 घर और दूसरे चरण में 101 घर बनाए गए हैं। इस तरह दोनों चरणों में कुल 925 आवासों का निर्माण किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जनजातीय परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो तथा उन्हें बुनियादी सुविधाओं के साथ बेहतर जीवन का अवसर मिले।
आश्रम पद्धति विद्यालयों को कक्षा 12 तक किया जा रहा अपग्रेड
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
इन विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड करने का कार्य भी गतिमान है। इसके अलावा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए 4 करोड़ रुपये स्वीकृत
मुख्यमंत्री ने बताया कि खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए 4 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय और छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है।
गदरपुर में भी 100 बेड का बालक छात्रावास बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुविधाओं के विकसित होने से जनजातीय समाज के बच्चों को अपने घर के आसपास बेहतर शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
थारू राजकीय इंटर कॉलेज में खेल और शिक्षा सुविधाओं का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि थारू राजकीय इंटर कॉलेज में 2 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से खेल मैदान के सौंदर्यीकरण, ऑडिटोरियम के आधुनिकीकरण और भवन की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि जनजातीय क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों के लिए भी बेहतर अवसर उपलब्ध हों।
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। जनजातीय समाज की महिलाओं को 1 करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि और 8 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने कहा कि इस सहायता का उद्देश्य महिलाओं के छोटे-छोटे रोजगार और आजीविका के साधनों को आगे बढ़ाना है, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें और परिवार की आय में योगदान दे सकें।
सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम में 10 करोड़ से अधिक की योजनाएं पूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020 से 2025 के बीच 10 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की गई हैं।
उन्होंने कहा कि सितारगंज विधानसभा क्षेत्र में थारू विकास भवन का निर्माण भी किया जा रहा है। यह भवन थारू समाज की सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
जनजातीय क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए 2 करोड़ से अधिक
मुख्यमंत्री ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के तहत जनजातीय क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है।
उन्होंने कहा कि जनजातीय परिवारों को बेटियों की शादी के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
इसके अलावा ऊधम सिंह नगर, देहरादून, पिथौरागढ़ और चमोली में जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए अलग-अलग जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
थारू समाज ने सीएम धामी का जताया आभार
संवाद कार्यक्रम के दौरान थारू समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री लंबे समय से समाज के सुख-दुख से जुड़े रहे हैं।
प्रतिनिधियों ने थारू संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं से जनजातीय समाज को शिक्षा, रोजगार, आवास और अन्य क्षेत्रों में लाभ मिल रहा है।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, थारू राणा परिषद के अध्यक्ष दान सिंह राणा, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, वरिष्ठ समाजसेवी रमेश राणा, ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष मंजीत सिंह राणा, सभासद दौलत राणा, ग्राम प्रधान शोभा देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
इस दौरान जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
