नैनीताल के ज्योलिकोट समेत प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए शिविरों में लोगों की स्वास्थ्य जांच और उपचार किया गया।
नैनीताल। जनपद नैनीताल के जलजनित एवं मौसमी रोग प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार जारी है। बीमारी के प्रसार को रोकने और लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर रही हैं। इसी क्रम में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में 101 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जलजनित और मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। विभाग का फोकस बीमारी की जल्द पहचान, समय पर उपचार और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराने पर है।
ज्योलिकोट में 46 मरीजों की जांच, 6 को अस्पताल में भर्ती कराया

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में आयोजित स्वास्थ्य सेवाओं के दौरान कुल 46 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया। इस दौरान बीमारी की स्थिति और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार मरीजों की जांच की गई।
स्वास्थ्य टीम ने 36 लोगों के ब्लड सैंपल भी लिए। इसके अलावा 69 लोगों की स्वास्थ्य संबंधी काउंसलिंग की गई, ताकि उन्हें बीमारी, बचाव और उपचार से संबंधित जरूरी जानकारी मिल सके।
जिन मरीजों को तत्काल चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता थी, उन्हें टेलीकंसल्टेंसी के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह भी उपलब्ध कराई गई। इस सुविधा के जरिए 10 लोगों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गंभीर स्थिति या भर्ती की आवश्यकता वाले 6 मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है।
सरियाताल से बेलवाखान तक स्वास्थ्य शिविर, घर-घर पहुंच रही टीमों की निगरानी
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ज्योलिकोट के अलावा सरियाताल, भल्यूटी, चोपड़ा और बेलवाखान में भी स्वास्थ्य शिविर लगाए। इन शिविरों में स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया।
स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को खास तौर पर जलजनित और मौसमी बीमारियों के लक्षणों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी। टीमों ने लोगों को बताया कि बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर समय गंवाए बिना नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।
स्वच्छ पानी और हाथों की सफाई पर विशेष जोर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान में स्वच्छ पेयजल, हाथों की स्वच्छता और भोजन की स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इसके साथ ही लोगों को ओआरएस के सही उपयोग और बीमारी की स्थिति में शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी से बचने के उपायों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बरसात और बदलते मौसम के दौरान जलजनित एवं मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में साफ पानी का इस्तेमाल, हाथों की नियमित सफाई और आसपास स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
CMO डॉ. रश्मि पंत ने स्वास्थ्य कर्मियों को दिए ये निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने जनपद के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला चिकित्सालय और बेस चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े मरीज जब अस्पताल पहुंचें तो उनका समुचित उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श सुनिश्चित किया जाए।
सीएमओ ने स्वास्थ्य संस्थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिक्षा और जनजागरूकता गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए हैं।
बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें, समय पर लें डॉक्टर की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने या घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सलाह लें।
विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार बीमारी की समय पर पहचान होने से उपचार शुरू करने में आसानी होती है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और ऐसे लोगों को लेकर अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है, जिन्हें बीमारी के दौरान अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता हो सकती है।
प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य परीक्षण, निगरानी, उपचार और जनजागरूकता का काम कर रही हैं। स्वास्थ्य शिविरों के जरिए स्थानीय स्तर पर ही लोगों तक चिकित्सकीय सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जनपद नैनीताल के अनुसार जलजनित एवं मौसमी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य टीमों की गतिविधियां आगे भी जारी रहेंगी।
