ज्योलिकोट एवं आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण और जागरूकता अभियान चलाया।
नैनीताल। नैनीताल जिले के ज्योलिकोट और आसपास के जलजनित रोग प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच का अभियान लगातार जारी रखा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण और बीमारी से बचाव को लेकर जागरूकता का काम कर रही हैं।

विभाग की कोशिश है कि संभावित मरीजों की पहचान शुरुआती स्तर पर हो और बीमारी के लक्षण सामने आने पर लोगों को समय रहते चिकित्सकीय सलाह एवं उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
14416 हेल्पलाइन पर सीधे विशेषज्ञ डॉक्टर से ले सकते हैं सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने जलजनित रोगों को लेकर लोगों से किसी भी तरह के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि 14416 हेल्पलाइन के माध्यम से लोग विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य संबंधी सलाह और काउंसलिंग ले सकते हैं।
उन्होंने लोगों से कहा कि यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं तो वह समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श ले। जरूरत पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच और उपचार भी कराया जाए।
इससे लोगों को शुरुआती स्तर पर उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन मिल सकेगा और बीमारी को गंभीर होने से पहले नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
सचल स्वास्थ्य वाहन ने सूफी और गैठिया में पहुंचकर किया स्वास्थ्य परीक्षण
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सचल स्वास्थ्य वाहन के जरिए सूफी और गैठिया क्षेत्रों में पहुंचकर स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के बाद आवश्यकता के अनुसार मरीजों को दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत मार्तोलिया ने दोनों क्षेत्रों में पहुंचकर स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने लोगों को जलजनित रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
स्वास्थ्य टीम ने लोगों को विशेष रूप से स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर उपचार लेने के प्रति जागरूक किया।
भल्यूटी से ज्योलिकोट तक घर-घर पहुंचीं स्वास्थ्य टीमें
प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर जाकर भी स्क्रीनिंग का अभियान चलाया। भल्यूटी, गांजा, सरियाताल और ज्योलिकोट क्षेत्र में स्वास्थ्य टीमों ने लोगों की स्क्रीनिंग की।
टीमों ने लोगों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेने के साथ बीमारी के संभावित लक्षणों के बारे में बताया। इसके अलावा जलजनित रोगों से बचने के लिए स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जानकारी भी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार निगरानी किए जाने का उद्देश्य बीमारी के संभावित मामलों को जल्द चिन्हित करना और प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बनाए रखना है।
235 लोगों की स्क्रीनिंग, 150 HAV रैपिड टेस्ट
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार रॉयल होटल, सुखताल, पिटारिया, स्टाफ हाउस, 7 नंबर और अयारपाटा क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों ने कुल 235 लोगों की स्क्रीनिंग की।
इस दौरान 150 HAV रैपिड टेस्ट भी किए गए। इससे स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी की स्थिति की निगरानी करने और संभावित मामलों की पहचान करने में मदद मिल रही है।
स्वास्थ्य शिविर और सचल वाहन से 197 लोगों की जांच
स्वास्थ्य शिविरों और सचल स्वास्थ्य वाहन के माध्यम से भी बड़ी संख्या में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। विभाग के अनुसार इस माध्यम से 197 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
जांच के दौरान 30 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए। वहीं एक व्यक्ति को टेलीमेडिसिन के जरिए चिकित्सकीय काउंसलिंग भी दी गई।
इस तरह स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में मौके पर जांच के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर टेलीमेडिसिन सुविधा का भी इस्तेमाल कर रहा है।
PHC ज्योलिकोट में 61 लोगों की जांच, 5 मरीज भर्ती
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में भी मरीजों की जांच और उपचार का सिलसिला जारी रहा। विभाग के मुताबिक यहां 61 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
जांच के बाद चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार 5 मरीजों को भर्ती किया गया। इससे स्पष्ट है कि विभाग प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की निगरानी के साथ आवश्यकतानुसार उपचार और भर्ती की सुविधा भी उपलब्ध करा रहा है।
जलजनित रोगों से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जलजनित बीमारियों से बचने के लिए स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। लोगों को बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए कहा गया है।
विशेष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह के अनुसार स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर चिकित्सक से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार कर रहीं निगरानी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी और स्क्रीनिंग कर रही हैं। विभाग की ओर से जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण, सैंपलिंग, टेलीमेडिसिन और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बीमारी के किसी भी लक्षण को हल्के में न लें। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें और आवश्यकता पड़ने पर 14416 हेल्पलाइन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श प्राप्त करें।
