मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति-2024 के तहत लाभार्थियों को सब्सिडी चेक वितरित किए और 11 स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को फ्लैग ऑफ किया।
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति-2024 के अंतर्गत 6 प्राथमिक लाभार्थियों को पूंजीगत अनुदान एवं प्रोत्साहन राशि के सब्सिडी चेक वितरित किए। इसके साथ ही परिवहन विभाग ने 5 अन्य लाभार्थियों की सब्सिडी और स्वीकृति प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वच्छ ईंधन आधारित 11 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में डीजल आधारित सार्वजनिक परिवहन को धीरे-धीरे स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन में बदलना और प्रदूषण को कम करना है।
मुख्यमंत्री बोले- आर्थिक सहायता नहीं, हरित भविष्य की मजबूत शुरुआत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लाभार्थियों को दी गई यह सहायता केवल वित्तीय सहयोग नहीं है, बल्कि उत्तराखंड को स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाने के राज्य सरकार के संकल्प का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रदेश के शहरों में स्वच्छ ईंधन आधारित सार्वजनिक परिवहन तेजी से बढ़े ताकि डीजल वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण में कमी आए और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और विकास एक-दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि पूरक हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।
जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए हरित परिवहन जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया आज जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना कर रही है। ऐसे समय में सरकार विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का संतुलन बनाए रखने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। LiFE (Lifestyle for Environment) अभियान, पीएम ई-बस सेवा, सौर ऊर्जा और अन्य अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं इसी सोच का हिस्सा हैं।
उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर बचाना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं बल्कि हिमालय की गोद में बसी देवभूमि है, जहां से गंगा और यमुना जैसी जीवनदायिनी नदियों का उद्गम होता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जैव विविधता, वन संपदा, नदियां और पर्वतीय पारिस्थितिकी देश की अमूल्य धरोहर हैं। इसलिए विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
क्या है उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति-2024?
राज्य सरकार द्वारा लागू की गई इस नीति का मुख्य उद्देश्य—
- शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाना।
- पुराने डीजल वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना।
- सीएनजी और अन्य स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को बढ़ावा देना।
- यात्रियों को सुरक्षित, बेहतर और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन उपलब्ध कराना।
- हरित परिवहन के लिए वाहन मालिकों को प्रोत्साहन और सब्सिडी देना।
सरकार का मानना है कि यह नीति आने वाले वर्षों में उत्तराखंड में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की मजबूत नींव साबित होगी।
इलेक्ट्रिक बसों और ईवी चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन लगातार बढ़ाया जा रहा है।
इसके साथ ही पूरे प्रदेश में ईवी चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है ताकि इलेक्ट्रिक और स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों के उपयोग में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में रोप-वे और आधुनिक अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं, जिससे ट्रैफिक जाम कम होगा, प्रदूषण घटेगा और पर्वतीय क्षेत्रों पर वाहनों का दबाव भी कम पड़ेगा।
रूफटॉप सोलर में भी उत्तराखंड ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत राज्य में रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने का अभियान तेजी से चल रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया है। वहीं कुल निर्धारित लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य भी पूरा किया जा चुका है।
सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को स्वच्छ ऊर्जा, हरित परिवहन और सतत विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।
‘हरित परिवहन क्रांति’ के अग्रदूत बने लाभार्थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन वाहन स्वामियों को सब्सिडी दी गई है, वे केवल योजना के लाभार्थी नहीं बल्कि उत्तराखंड में हरित परिवहन क्रांति के अग्रदूत हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके प्रयासों से अन्य वाहन संचालक भी स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को अपनाने के लिए आगे आएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार के प्रयास तभी सफल होंगे, जब आम जनता भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएगी।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल, सचिव परिवहन रविनाथ रमन, परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
