मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगातार हो रही बारिश और ऑरेंज अलर्ट के बीच अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने, बंद सड़कें खोलने और चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 29 और 30 जुलाई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार तड़के सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से प्रदेशभर में बारिश की स्थिति, बंद सड़क मार्गों, नदियों के जलस्तर, जलभराव, राहत एवं बचाव कार्यों और प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी विभाग 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करें और किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में एक क्षण की भी देरी नहीं होनी चाहिए।
डीएम और वरिष्ठ अधिकारी फील्ड में रहें, हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई

मुख्यमंत्री धामी ने जिलाधिकारियों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में जाकर स्वयं हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, मशीनरी और अन्य आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
बंद सड़कें प्राथमिकता से खोलने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बारिश और भूस्खलन के कारण बंद हुए सड़क मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए जेसीबी, पोकलेन, डोजर और अन्य मशीनरी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रखी जाए, ताकि यातायात जल्द बहाल हो और राहत एवं बचाव कार्य बाधित न हों।
हेली सेवाएं रहें पूरी तरह स्टैंडबाय
मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं को भी पूर्ण रूप से अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी दुर्गम या आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव की आवश्यकता पड़ती है तो हेलीकॉप्टर के माध्यम से तत्काल सहायता पहुंचाई जाए।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रभावित क्षेत्र तक राहत दल और आवश्यक सामग्री कम से कम समय में पहुंच सके।
बिजली, पानी और संचार सेवाएं तुरंत हों बहाल
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि भारी बारिश या भूस्खलन के कारण कहीं बिजली, पेयजल या संचार सेवाएं बाधित होती हैं तो संबंधित विभाग उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर तत्काल बहाल करें।
उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाओं में किसी भी प्रकार की लंबी बाधा आम लोगों की परेशानियां बढ़ा सकती है, इसलिए त्वरित कार्रवाई जरूरी है।
चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मार्ग पर अत्यधिक वर्षा या भूस्खलन का खतरा हो तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए और मौसम एवं सड़क की स्थिति सामान्य होने के बाद ही आगे जाने दिया जाए।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
आपदा प्रबंधन विभाग ने की प्रदेशभर की समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों और अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने सभी जिलों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, राहत एवं बचाव कार्यों की नियमित समीक्षा करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सचिव ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से प्रदेशभर की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और सभी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों के साथ लगातार समन्वय बनाया गया है।
29 और 30 जुलाई को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहरादून के अनुसार 29 और 30 जुलाई को उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
29 जुलाई को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
- देहरादून
- टिहरी
- रुद्रप्रयाग
- चमोली
- बागेश्वर
- नैनीताल
- चम्पावत
- ऊधम सिंह नगर
इन जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
30 जुलाई को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
- बागेश्वर
- चम्पावत
- पिथौरागढ़
30 जुलाई को भारी बारिश की संभावना
- उत्तरकाशी
- देहरादून
- पौड़ी
- टिहरी
- नैनीताल
प्रशासन और यात्रियों के लिए एडवाइजरी
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिला प्रशासन को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। वहीं प्रदेशवासियों और चारधाम यात्रियों से अपील की गई है कि मौसम विभाग की चेतावनियों और जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।
लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
