उत्तराखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत तेजी से तैयार हो रहे आवास, दिसंबर तक 15 हजार से अधिक परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद।
देहरादून। उत्तराखंड में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के तहत निर्माणाधीन आवासीय परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि योजना के पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द पक्की छत उपलब्ध कराई जाए।

राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अंतर्गत 18 परियोजनाओं में कुल 15,496 आवासीय इकाइयों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से करीब 84 फीसदी यानी 12,948 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, अब तक 1,271 आवासों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी जा चुकी हैं।
सरकार की योजना के मुताबिक आगामी दिसंबर तक 15 हजार से अधिक परिवारों को अपने पक्के घर का लाभ मिलने की उम्मीद है। लंबित आवासीय परियोजनाओं को गति देने के लिए आवास विभाग ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने लंबित परियोजनाओं को 30 सितंबर तक पूरा करने की समयसीमा तय की है।

84 फीसदी आवासों का निर्माण पूरा
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत राज्य में तेजी से चल रहे निर्माण कार्यों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्वीकृत 15,496 आवासीय इकाइयों में से 12,948 आवास तैयार हो चुके हैं। यानी करीब 84 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो गया है।
इनमें से तैयार मकानों में रहने वाले लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। अब तक 1,271 परिवारों को उनके मकानों की चाबियां दी जा चुकी हैं। इनमें 768 लाभार्थी रुड़की और 503 लाभार्थी हरिद्वार से हैं।
सरकार का जोर सिर्फ मकान बनाने पर नहीं, बल्कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय पर पूरा कर पात्र परिवारों को उनका आवास उपलब्ध कराने पर है।
ऊधमसिंह नगर में सबसे ज्यादा 10,200 आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत सबसे ज्यादा आवासीय इकाइयों का निर्माण ऊधमसिंह नगर जिले में कराया जा रहा है। जिले में कुल 10,200 मकान प्रस्तावित हैं।
इनमें रुद्रपुर हाउसिंग स्कीम के 1,872 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में आवास तैयार किए जा रहे हैं।
- भवानीपुर, जसपुर: 1,264 आवास
- उकरौली-1, सितारगंज: 1,168 आवास
- उकरौली-2, सितारगंज: 864 आवास
- कनकपुर, काशीपुर: 1,256 आवास
- मटकोटा, रुद्रपुर: 928 आवास
- श्यामनगर, गदरपुर: 928 आवास
- महुवाखेड़ागंज: 824 आवास
- मानपुर, काशीपुर: 512 आवास
- गंगापुर गोसाल, काशीपुर: 584 आवास
इन आवासीय परियोजनाओं का उद्देश्य पात्र परिवारों को बेहतर और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।
हरिद्वार में 4,528 मकानों का निर्माण
हरिद्वार जिले में भी प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत बड़ी संख्या में आवास तैयार किए जा रहे हैं। जिले में कुल 4,528 आवासीय इकाइयों का निर्माण कराया जा रहा है।
इनमें विभिन्न स्थानों पर आवासीय परियोजनाएं शामिल हैं।
- मंगलौर: 544 आवास
- झब्बरपुर: 448 आवास
- अन्नेखी: 1,152 आवास
- बेल्दी/बेलड़ी, रुड़की: 1,088 आवास
- शिकारपुर: 768 आवास
- इंद्रलोक आवासीय योजना: 528 आवास
हरिद्वार की इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को स्थायी आवास की सुविधा मिल सकेगी।
नैनीताल में 528 आवास तैयार
नैनीताल जिले के रामनगर स्थित उम्मेदनगर में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत बनाए जा रहे सभी 528 आवासीय इकाइयों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
यह परियोजना जिले में योजना के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
देहरादून में धौलास हाउसिंग स्कीम पर काम जारी
राजधानी देहरादून में भी पीएमएवाई-शहरी के तहत आवासीय परियोजना पर काम चल रहा है। धौलास हाउसिंग स्कीम में कुल 240 आवास बनाए जा रहे हैं।
इनमें से 180 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष आवासों को भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
पात्र परिवारों को घर देना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना को केवल आवास निर्माण की योजना के तौर पर नहीं, बल्कि गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन में स्थायित्व लाने वाले महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रही है।
सरकार का लक्ष्य है कि योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचे और उन्हें लंबे समय तक किराये या अस्थायी आवास की समस्या से राहत मिले। पक्के मकान से परिवारों को सुरक्षित रहने की जगह मिलने के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन में भी स्थिरता आती है।
इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने योजना में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के अनुसार पात्र परिवारों की सहायता के लिए राज्य सरकार की हिस्सेदारी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये की जा रही है।
सरकार का फोकस- समय पर पूरा हों आवास
आवास विभाग की ओर से निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा तय समयसीमा के भीतर निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार की कोशिश है कि सितंबर तक लंबित निर्माण कार्य पूरे होने के बाद लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेजी दी जाए और दिसंबर तक अधिक से अधिक पात्र परिवारों को पक्की छत का लाभ मिल सके।
‘हर पात्र परिवार का अपना घर’ लक्ष्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के अनुरूप सरकार विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना को गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बताया है। राज्य में हजारों आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
“प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। पात्र परिवारों की मदद के लिए योजना में राज्य सरकार की हिस्सेदारी को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जा रहा है।”
उत्तराखंड सरकार की कोशिश अब यही है कि निर्माणाधीन सभी आवास समय पर पूरे हों और पात्र लाभार्थियों को उनके घर का वास्तविक लाभ जल्द से जल्द मिल सके। दिसंबर तक 15 हजार से अधिक परिवारों को पक्की छत मिलने की संभावित उपलब्धि इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
