उत्तरकाशी के बर्नीगाड़ को 217 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के पुरोला विधानसभा क्षेत्र में स्थित बर्नीगाड़ (कुंवा) में विकास कार्यों को गति देने और आम लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने राजकीय इंटर कॉलेज बर्नीगाड़ में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा सेतु जनसेवा शिविर में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने करीब 217 करोड़ रुपये की लागत वाली 38 विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें 30 योजनाओं का शिलान्यास और 8 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ का शुभारंभ भी किया। साथ ही क्षेत्र में शिक्षा, खेल और सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने महाविद्यालय के स्थायी भवन और परिसर का निर्माण जल्द शुरू कराने, राजा रघुनाथ देवडोकरी में मिनी स्टेडियम बनाने तथा बर्नीगाड़ थाला चौक से राजकीय इंटर कॉलेज बर्नीगाड़ तक मोटर मार्ग का निर्माण कराने की घोषणा की।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय बड़कोट और चिन्यालीसौड़ को उच्चीकृत करने की भी घोषणा की। उन्होंने डाडा गांव छानी से टटाऊ तक पुल और सड़क निर्माण के पूर्व में घोषित कार्य को भी जल्द पूरा कराने की बात कही। इन घोषणाओं से क्षेत्र में उच्च शिक्षा, खेल गतिविधियों और आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाने की उम्मीद है।

217 करोड़ रुपये की 38 विकास योजनाओं से क्षेत्र को मिलेगी गति
बर्नीगाड़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 38 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन कार्यों की कुल लागत करीब 217 करोड़ रुपये बताई गई है। इनमें 30 योजनाएं ऐसी हैं, जिनका निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए शिलान्यास किया गया, जबकि 8 कार्यों का लोकार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क संपर्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होने से दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। बेहतर सड़क सुविधा से लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। साथ ही पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना भी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में विकास का लाभ तभी व्यापक रूप से दिखाई देगा, जब सड़क, शिक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं स्थानीय लोगों की पहुंच में होंगी। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रही है।
बर्नीगाड़ में राजकीय महाविद्यालय का शुभारंभ, स्थायी भवन जल्द बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बर्नीगाड़ में राजकीय महाविद्यालय का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि महाविद्यालय शुरू होने से आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
पर्वतीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को अक्सर अपने घरों से दूर जाना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर महाविद्यालय की सुविधा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे खासकर उन विद्यार्थियों को लाभ मिल सकता है, जिन्हें दूरी और आवागमन की वजह से आगे की पढ़ाई जारी रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महाविद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है। उन्होंने इसके स्थायी भवन और परिसर का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की बात कही। इससे महाविद्यालय में भविष्य में शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने का रास्ता साफ होगा।
राजा रघुनाथ देवडोकरी में मिनी स्टेडियम, सड़क निर्माण की भी घोषणा
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के युवाओं और स्थानीय निवासियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खेल और सड़क सुविधाओं से जुड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने राजा रघुनाथ देवडोकरी में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा की। मिनी स्टेडियम के निर्माण से क्षेत्र के युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
इसके साथ ही बर्नीगाड़ थाला चौक से राजकीय इंटर कॉलेज बर्नीगाड़ तक मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की गई। सड़क सुविधा बेहतर होने से स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों के आवागमन में आसानी होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय बड़कोट और चिन्यालीसौड़ को उच्चीकृत करने की भी घोषणा की। वहीं, डाडा गांव छानी से टटाऊ तक पुल और सड़क निर्माण के पहले से घोषित कार्य को शीघ्र पूरा कराने की बात कही। इन घोषणाओं का उद्देश्य क्षेत्र में शिक्षा और परिवहन से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करना है।
सेवा सेतु अभियान के तहत जनता के बीच पहुंची सरकार
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा सेतु जनसेवा शिविर का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाना रहा। मुख्यमंत्री ने शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।
उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और उपकरण वितरित किए। साथ ही विभागीय अधिकारियों से यह भी पूछा कि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक किस तरह पहुंच रहा है और पात्र लाभार्थियों को किन सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। सेवा सेतु अभियान इसी उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान और सरकारी कामकाज के लिए बार-बार तहसील या जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने का प्रयास कर रही है। ऐसे शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सड़क, पर्यटन और शिक्षा पर जोर: धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में सड़क संपर्क, पर्यटन, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गरीबों, किसानों, युवाओं, सैनिकों और महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे महिलाओं को रसोई के धुएं से राहत मिली है। वहीं, जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पहाड़ के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
उत्तराखंड में 3.10 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड में 3 लाख 10 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उनके अनुसार, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं सिलाई-बुनाई, हथकरघा, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के जरिए अपनी आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध करा रही है। इनमें मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना और मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
चारधाम यात्रा में 59 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष यात्रा में 59 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यात्रा और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ प्राकृतिक पर्यटन की भी व्यापक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, सड़क संपर्क और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इसका लाभ स्थानीय कारोबारियों, छोटे व्यवसायों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को भी मिलने की संभावना है।
बर्नीगाड़ और आसपास के क्षेत्रों में सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने पर दिया गया जोर भी इसी व्यापक विकास दृष्टिकोण से जुड़ा है। बेहतर संपर्क व्यवस्था से स्थानीय लोगों के दैनिक आवागमन के साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी सहारा मिल सकता है।
समान नागरिक संहिता, भू-कानून और अतिक्रमण पर कार्रवाई का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से लागू किए गए कानूनों और प्रशासनिक कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड स्वतंत्र भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना है। इसके साथ ही उन्होंने सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून लागू किए जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। ये आंकड़े और उपलब्धियां मुख्यमंत्री की ओर से कार्यक्रम में रखे गए सरकारी पक्ष का हिस्सा रहे।
पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने की बात
युवाओं के रोजगार और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क तथा रोजगार की सुविधाओं को लगातार मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
विधायक दुर्गेश्वर लाल ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
कार्यक्रम के दौरान पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बर्नीगाड़ पहुंचने पर स्वागत किया और क्षेत्र के विकास से जुड़ी घोषणाओं के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, दायित्वधारी श्याम डोभाल, जगत सिंह चौहान, लक्ष्मण सिंह भंडारी, पूर्व विधायक मालचंद, नारायण सिंह चौहान, नवीन ठाकुर, सत्येंद्र राणा, महावीर नेगी, परशुराम जगूड़ी, किरण रावत, जगमोहन चंद, अनिल चौहान, ब्लॉक प्रमुख रणदेव राणा, ममता पंवार और नगर पंचायत अध्यक्ष विजय कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, महाविद्यालय के प्राचार्य पंकज पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
