हल्द्वानी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से SIR अभियान की समीक्षा बैठक में शामिल हुए कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत।
हल्द्वानी। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision-SIR) अभियान ने अंतिम चरण में प्रवेश कर लिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड बी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर में चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय से वर्चुअल रूप से भाग लिया।

बैठक के दौरान कुमाऊं मंडल में फॉर्म वितरण एवं संग्रहण की प्रगति पर विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को अभियान को समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
चम्पावत और अल्मोड़ा ने हासिल किया 100 प्रतिशत लक्ष्य

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत फॉर्म संग्रहण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि कुमाऊं मंडल के जिलों में वर्तमान स्थिति इस प्रकार है—
- चम्पावत – 100 प्रतिशत
- अल्मोड़ा – 100 प्रतिशत
- बागेश्वर – 99.7 प्रतिशत
- पिथौरागढ़ – 99.6 प्रतिशत
- नैनीताल – 98.5 प्रतिशत
- ऊधमसिंह नगर – 98.5 प्रतिशत
उन्होंने कहा कि यह प्रगति निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
‘अनकलेक्टेबल’ फॉर्म की होगी विशेष जांच
आयुक्त दीपक रावत ने बताया कि कुछ फॉर्म अभी भी ‘अनकलेक्टेबल’ श्रेणी में हैं, जिन्हें विभिन्न कारणों से एकत्र नहीं किया जा सका है।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे संबंधित बीएलओ को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करें और प्रत्येक ऐसे मामले की गंभीरता से जांच कराएं।
उन्होंने कहा कि यदि कोई पात्र मतदाता अपने घर पर उपलब्ध था और केवल लापरवाही के कारण उसका फॉर्म नहीं लिया गया, तो ऐसी स्थिति स्वीकार्य नहीं होगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से मतदाता सूची से न हटे।
मतदाताओं से आयुक्त की विशेष अपील
कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने सभी मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी मतदाता को बीएलओ द्वारा फॉर्म उपलब्ध कराया गया है, लेकिन वह अभी तक जमा नहीं किया गया है, तो उसे बिना देरी अपने क्षेत्र के बीएलओ को सौंप दें।
उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और प्रशासन की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।
प्रशासन का फोकस—हर पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल हो
प्रशासन का उद्देश्य विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के माध्यम से मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। इसके लिए प्रत्येक आवेदन की गंभीरता से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने या गलती से हटने जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभियान के अंतिम चरण में भी पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाएगा तथा बीएलओ स्तर तक सतत निगरानी रखी जा रही है।
