NICDIT की शीर्ष मॉनिटरिंग बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने IMC खुरपिया की प्रगति और ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की।
देहरादून। उत्तराखंड के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने वाली इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) खुरपिया परियोजना को लेकर राज्य सरकार ने अपना विजन और प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि खुरपिया को आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निवेश के लिए अनुकूल औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। परियोजना के निर्माण कार्यों में किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो, इसके लिए समयबद्धता, गुणवत्ता और विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की तृतीय शीर्ष मॉनिटरिंग बैठक में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। बैठक में देश के विभिन्न औद्योगिक कॉरिडोर और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने और जरूरी आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विस्तार से चर्चा हुई।
1002 एकड़ जमीन NUITL के कब्जे में, परियोजना स्थल पर कोई बाधा नहीं

बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे IMC खुरपिया की मौजूदा स्थिति की जानकारी केंद्रीय स्तर पर साझा की। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए निर्धारित 1002 एकड़ भूमि पूरी तरह NUITL के कब्जे में है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक फिलहाल परियोजना स्थल पर किसी तरह की बड़ी बाधा नहीं है। जमीन उपलब्ध होने और निर्माण के लिए आवश्यक परिस्थितियां तैयार होने से परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।
सरकार का जोर अब परियोजना के अलग-अलग हिस्सों को तेजी से पूरा करने के साथ-साथ उसके लिए जरूरी बाहरी कनेक्टिविटी और ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर है।
20 मार्च 2026 को EPC अनुबंध, निर्माण कार्य शुरू
सीएम धामी ने बैठक में बताया कि IMC खुरपिया के विकास के लिए EPC अनुबंध 20 मार्च 2026 को निष्पादित किया जा चुका है। इसके बाद परियोजना के निर्माण कार्य भी शुरू हो गए हैं।
परियोजना के लिए कुल 24.1 किलोमीटर Right of Way (ROW) को क्लियर करके EPC ठेकेदार को उपलब्ध कराया जा चुका है। इससे सड़क निर्माण और परियोजना से जुड़े अन्य जरूरी निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।
सरकार का कहना है कि अब निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि परियोजना की गति बनी रहे और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो।
नागला-किच्छा SH-44 होगा फोरलेन, कनेक्टिविटी पर खास जोर
किसी भी बड़े औद्योगिक क्लस्टर की सफलता के लिए केवल जमीन और औद्योगिक इकाइयां पर्याप्त नहीं होतीं। उद्योगों तक कच्चा माल पहुंचाने, तैयार उत्पादों को बाजार तक ले जाने और निवेशकों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मजबूत सड़क और परिवहन नेटवर्क जरूरी होता है।
इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने नागला-किच्छा SH-44 के लगभग 10.7 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन करने पर विशेष ध्यान दिया है।
यह सड़क IMC खुरपिया के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी लिंक के रूप में काम करेगी। इसके फोरलेन होने से औद्योगिक क्षेत्र में आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही बेहतर होने और भविष्य में बढ़ने वाले औद्योगिक ट्रैफिक को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना से जुड़े आवश्यक समन्वय और कार्रवाई को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की बात कही।
400/220 केवी विद्युत उपकेंद्र पर भी सरकार का फोकस
औद्योगिक क्लस्टर में स्थापित होने वाली विनिर्माण इकाइयों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद महत्वपूर्ण होगी। इसी कारण IMC खुरपिया की बाहरी अवसंरचना में बिजली व्यवस्था को भी प्रमुखता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि PITCUL की ओर से 400/220 केवी विद्युत उपकेंद्र के निर्माण को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई और समन्वय किया जा रहा है।
यह उपकेंद्र खुरपिया क्षेत्र में भविष्य में विकसित होने वाली औद्योगिक इकाइयों की बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि औद्योगिक इकाइयों के संचालन के लिए सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं समय पर तैयार रहें।
दिसंबर 2028 तक ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि IMC खुरपिया के ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए परियोजना के प्रत्येक चरण की लगातार समीक्षा और मॉनिटरिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के साथ-साथ निर्माण कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
सरकार की कोशिश है कि परियोजना के निर्माण के दौरान किसी विभागीय प्रक्रिया या समन्वय की कमी के कारण काम प्रभावित न हो।
उत्तराखंड के औद्योगिक विकास के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है IMC खुरपिया
IMC खुरपिया को राज्य के औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में आधुनिक विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देना और बड़े निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है।
परियोजना के विकसित होने से न केवल औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। इसके साथ ही कौशल विकास, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सेवाओं और अन्य सहायक आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार चाहती है कि IMC खुरपिया के विकास का सीधा लाभ स्थानीय युवाओं और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मिले। औद्योगिक इकाइयों के आने के साथ रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के नए अवसर पैदा करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
केंद्र और राज्य के समन्वय से परियोजना को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री ने NICDIT की बैठक में केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं से परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए आवश्यक सहयोग और समन्वय की अपेक्षा भी व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार, NICDIT/NICDC, राज्य सरकार और परियोजना के लिए गठित SPV के बीच बेहतर समन्वय से IMC खुरपिया को आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
राज्य सरकार की ओर से परियोजना से जुड़े राज्य स्तरीय विषयों के त्वरित समाधान के लिए लगातार निगरानी रखने की बात कही गई है।
CM धामी बोले- विकास में देरी नहीं होने देंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि IMC खुरपिया केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देने की क्षमता रखने वाला महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और जहां भी किसी तरह की समस्या सामने आए, उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के साथ समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप राज्य में आधुनिक औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
खुरपिया से निवेश और रोजगार को मिल सकती है नई उड़ान
IMC खुरपिया के विकास के साथ उत्तराखंड के औद्योगिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, मजबूत बिजली व्यवस्था और आधुनिक ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद यहां निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा सकेगा।
राज्य सरकार का फोकस अब परियोजना को केवल कागजों पर आगे बढ़ाने के बजाय निर्माण कार्यों को जमीन पर तेजी से पूरा करने पर है। 1002 एकड़ भूमि उपलब्ध होने, EPC अनुबंध निष्पादित होने और 24.1 किलोमीटर ROW क्लियर होने के बाद परियोजना ने निर्माण के स्तर पर महत्वपूर्ण प्रगति की है।
दिसंबर 2028 तक ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा करने का लक्ष्य अब सरकार और संबंधित एजेंसियों के सामने स्पष्ट समयसीमा के रूप में है। यदि तय समयसीमा के अनुसार काम आगे बढ़ता है, तो IMC खुरपिया आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में शामिल हो सकता है।
बैठक के दौरान सचिव विनय शंकर पाण्डेय भी उपस्थित रहे।
