प्रदेश अध्यक्ष बनने के सवाल पर हरक सिंह रावत का बड़ा बयान
देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में अक्सर अपने बयानों से सुर्खियां बटोरने वाले पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने इस बार कुछ ऐसा कहा जिसने सभी को चौंका दिया। दरअसल, हाल ही में जब उनसे सवाल किया गया कि वह क्यों इतना हल्ला मचा रहे हैं? क्या वह प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहते हैं?

इस पर हरक सिंह रावत ने मुस्कुराते हुए कहा कि मैं राजनीतिक रूप से सनातन हो गया हूँ। न मुझे किसी पद की लालसा है और न ही कुछ बनने की इच्छा।
“सन्यास नहीं, राजनीतिक रूप से सनातन”

हरक सिंह रावत ने साफ किया कि उनका मतलब राजनीतिक सन्यास से नहीं है। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में सक्रिय रहेंगे, लेकिन किसी पद की दौड़ में नहीं हैं। उनका यह बयान साफ करता है कि वह अब सत्ता और पद से ज्यादा विचारधारा और सिद्धांत की राजनीति करना चाहते हैं।
प्रदेश की सियासत में नई चर्चा
हरक सिंह रावत का यह बयान उत्तराखंड की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह बयान कहीं न कहीं उनके राजनीतिक सफर और मौजूदा परिस्थितियों का आईना है।
- एक्सप्रेस-वे बना उत्तराखंड की डिजिटल उड़ान का इंजन: विशेषज्ञों ने बताया ‘गेमचेंजर’
- डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ता उत्तराखंड: CM धामी ने “इंडिया डिजिटल इंपॉवरमेंट मीट” को बताया भविष्य का रोडमैप
- नारी शक्ति को 33% अधिकार: धामी का बड़ा संदेश—अब संसद से समाज तक महिलाओं की निर्णायक भागीदारी तय
- Arden Progressive School हल्द्वानी के छात्रों का शानदार प्रदर्शन: 97.2% के साथ संयुक्त टॉपर, टॉप-3 में कड़ी प्रतिस्पर्धा
- “अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार…” CM धामी ने गिनाईं विकास की उपलब्धियां
क्या प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ से बाहर हो गए हरक सिंह?
इस बयान के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या हरक सिंह रावत खुद को प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ से बाहर कर रहे हैं या फिर यह उनका राजनीतिक दांव है? फिलहाल उन्होंने साफ किया है कि उन्हें अब किसी पद की कोई चाहत नहीं है।
