सोशल मीडिया पर शिकायत मिलने के बाद प्रभारी जिलाधिकारी के निर्देश पर नैनीझील में नगर पालिका और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने विशेष सफाई अभियान चलाकर झील से कचरा हटाया।
नैनीताल। नैनीताल की पहचान मानी जाने वाली नैनीझील में गंदगी फैलने की सोशल मीडिया पर शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए व्यापक सफाई अभियान चलाया। प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे के निर्देश पर शनिवार को नगर पालिका परिषद नैनीताल और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने झील और उसके आसपास के क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में कचरा हटाया।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते महज दो घंटे के भीतर झील के किनारों और जल क्षेत्र में जमा प्लास्टिक, पॉलिथीन तथा अन्य अपशिष्ट सामग्री को निकालकर उसका वैज्ञानिक एवं नियमानुसार निस्तारण किया गया। इस अभियान का उद्देश्य नैनीझील की स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूत करना रहा।
शिकायत मिलते ही प्रशासन हरकत में

प्रभारी जिलाधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने सोशल मीडिया पर वायरल शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को मौके पर पहुंचकर सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके बाद उपजिलाधिकारी नैनीताल के नेतृत्व में नगर पालिका परिषद और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने झील के विभिन्न हिस्सों में सफाई कार्य शुरू किया।
अभियान के दौरान झील के किनारों, जल क्षेत्र और आसपास जमा प्लास्टिक, पॉलिथीन, बोतलें तथा अन्य कचरे को हटाया गया ताकि झील की प्राकृतिक सुंदरता और जल गुणवत्ता बनी रहे।
नैनीझील की स्वच्छता से कोई समझौता नहीं
प्रभारी जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि नैनीझील केवल एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि नैनीताल की पहचान और प्राकृतिक धरोहर है। इसकी स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने नगर पालिका परिषद और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई अभियान केवल एक दिन तक सीमित न रहे बल्कि इसे नियमित अभियान के रूप में संचालित किया जाए।
नालों की सफाई पर रहेगा विशेष फोकस
प्रभारी जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नैनीताल को नियमित रूप से सफाई कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया गया कि नगर क्षेत्र में नियमित सफाई अभियान चलाया जाए। विशेष रूप से उन नालों की सफाई सुनिश्चित की जाए जो सीधे नैनीझील में गिरते हैं, ताकि किसी भी स्थिति में कचरा या गंदा पानी झील तक न पहुंचे।
गंदगी फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति झील क्षेत्र या उससे जुड़े नालों में कूड़ा, प्लास्टिक या अन्य गंदगी फेंकते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा यदि सफाई व्यवस्था में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ भी कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
लोगों से भी सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नैनीझील और उसके आसपास के क्षेत्रों में कूड़ा न फैलाएं तथा स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग करें। प्रशासन का कहना है कि नैनीताल की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को सुरक्षित रखना केवल सरकारी विभागों की नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है।
