प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने कुमाऊं मंडल के शहरों में जलभराव समाधान के लिए तैयार ड्रेनेज प्रस्तावों की समीक्षा की।
हल्द्वानी। उत्तराखंड में हर साल बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से जूझ रहे कुमाऊं मंडल के शहरों को अब बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने कुमाऊं के विभिन्न शहरों में ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 2043 करोड़ रुपये की व्यापक योजना तैयार की है। इस योजना के तहत जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए मास्टर प्लान के अनुसार चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।

14 शहरों के लिए भेजे गए ड्रेनेज प्रस्ताव
कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित विभागों के साथ बैठक कर कुमाऊं मंडल के 14 शहरों को चिन्हित किया था। इन शहरों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विस्तृत ड्रेनेज प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे गए थे।

शुक्रवार को सचिवालय में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने इन प्रस्तावों की समीक्षा की। बैठक में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए और प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी दी।
पहले चरण में 10 शहरों को प्राथमिकता
बैठक में निर्णय लिया गया कि जलभराव से सबसे अधिक प्रभावित शहरों में पहले चरण में कार्य शुरू किया जाएगा। प्राथमिकता सूची में शामिल शहरों में टनकपुर, बनबसा, खटीमा, रुद्रपुर, काशीपुर, गदरपुर, सितारगंज, हल्द्वानी और मालधनचौड़ शामिल हैं।
सरकार का फोकस उन इलाकों पर रहेगा जहां बारिश के दौरान सबसे ज्यादा जलभराव की स्थिति बनती है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पहले ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रेनेज कार्य तेजी से पूरा किया जाए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
दूसरे चरण में बाकी शहरों में होगा काम
प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रथम चरण के बाद शेष चार शहरों को दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा। सभी परियोजनाएं तैयार मास्टर प्लान के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएंगी।
उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
जनता को मिलेगी बड़ी राहत
बरसात के मौसम में कुमाऊं के कई शहरों में सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में जलभराव बड़ी समस्या बन जाता है। इससे यातायात, व्यापार और आम जनजीवन प्रभावित होता है। सरकार की इस नई योजना से भविष्य में जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम करने की उम्मीद जताई जा रही है।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में ड्रेनेज परियोजनाओं के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर भी चर्चा की गई।
