एमडीडीए सिटी फॉरेस्ट पार्क में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर हजारों लोगों ने सामूहिक योग कर स्वस्थ उत्तराखंड का संकल्प लिया।
देहरादून। देहरादून में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह स्वास्थ्य, प्रकृति, जनभागीदारी और आधुनिक विकास का ऐसा संगम बना जिसने लोगों को योग के प्रति नई प्रेरणा दी। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा विकसित सिटी फॉरेस्ट पार्क में आयोजित कार्यक्रम में एक हजार से अधिक लोगों ने एक साथ योग कर स्वस्थ उत्तराखंड और स्वस्थ भारत का संकल्प लिया।

सुबह की ताजा हवा, हरियाली से घिरा वातावरण और पक्षियों की मधुर आवाजों के बीच जब हजारों लोग योग मुद्राओं में एक साथ नजर आए तो पूरा पार्क योगमय वातावरण में बदल गया। कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने किया कार्यक्रम में प्रतिभाग

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन रहे। उनके साथ अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया, प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों ने सूर्य नमस्कार, विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। कार्यक्रम के समापन पर एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने योग प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन जीने की कला
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाव का प्रभावी माध्यम भी है।
बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि आधुनिक जीवनशैली में भी योग तेजी से लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है।
देवभूमि से दुनिया तक पहुंचा योग का संदेश
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि योग भारत की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत है, जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के बाद योग को वैश्विक पहचान मिली और आज दुनिया के करोड़ों लोग इसे अपना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और संतुलित जीवन का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रदेशवासियों से योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने की दिशा में प्रयास
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड सदियों से योग, तप और आध्यात्मिक साधना की भूमि रहा है। यहां का प्राकृतिक वातावरण योग साधना के लिए दुनिया के सबसे उपयुक्त स्थानों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस टूरिज्म का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। चारधाम, हिमालय और प्राकृतिक संपदा इस दिशा में राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं।
सिटी फॉरेस्ट पार्क बन रहा हेल्थ और नेचर टूरिज्म का नया डेस्टिनेशन
योग दिवस का आयोजन यह भी साबित करता है कि एमडीडीए का सिटी फॉरेस्ट पार्क अब केवल घूमने-फिरने की जगह नहीं रह गया है, बल्कि यह स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक गतिविधियों और वेलनेस कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
यहां विकसित आधुनिक सुविधाएं, विशाल हरित क्षेत्र, ओपन जिम, साइकिल ट्रैक, बच्चों के लिए पार्क, कैफेटेरिया और खुला वातावरण इसे परिवारों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहे हैं।
मुख्य सचिव ने किया पार्क का निरीक्षण, डिजिटल फीडबैक सिस्टम बनाने के निर्देश
योग कार्यक्रम के बाद मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने 12 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित सिटी फॉरेस्ट पार्क का विस्तृत निरीक्षण किया।
उन्होंने चिल्ड्रन पार्क, ओपन जिम, कैफेटेरिया, थ्री-डी थिएटर, सोलर प्लांट, नर्सरी, साइकिल ट्रैक, ईवी चार्जिंग स्टेशन और पूछताछ केंद्र सहित विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पार्क में आए लोगों और संचालकों से बातचीत कर सुविधाओं पर फीडबैक भी लिया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्क में आने वाले लोगों की राय जानने के लिए QR Code आधारित डिजिटल फीडबैक सिस्टम विकसित किया जाए, ताकि नागरिक सीधे अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा सकें और सुविधाओं में लगातार सुधार किया जा सके।
एमडीडीए करेगा सुविधाओं का और विस्तार
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि भविष्य में भी पार्क में स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनका उद्देश्य शहरवासियों को ऐसा हरित वातावरण उपलब्ध कराना है जहां वे परिवार के साथ समय बिताने के साथ स्वस्थ जीवनशैली भी अपना सकें।
योग दिवस का बड़ा संदेश
इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं बल्कि स्वस्थ समाज, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का मजबूत माध्यम बन चुका है। उत्तराखंड तेजी से योग, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा की नई पहचान बनाता हुआ दिखाई दे रहा है।
