हल्द्वानी ब्लॉक सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य योगेश सिंह रजवार ने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए।
हल्द्वानी। हल्द्वानी ब्लॉक सभागार में मंगलवार को उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार की अध्यक्षता में बाल विकास परियोजना विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में हल्द्वानी नगरीय क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित योजनाओं, बच्चों और महिलाओं के पोषण कार्यक्रमों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान आयोग सदस्य योगेश सिंह रजवार ने बाल विकास परियोजना अधिकारी और सेक्टर सुपरवाइजर्स से आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं के पोषण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी संचालन पर जोर दिया।
इन योजनाओं की ली गई विस्तृत जानकारी

बैठक में आयोग सदस्य ने निम्न योजनाओं की प्रगति और लाभार्थियों तक उनकी पहुंच की समीक्षा की—
- बाल पोषण एवं महिला पोषण योजना
- महालक्ष्मी किट योजना
- रेडी टू ईट वितरण
- अनुपूरक पोषाहार योजना
- आंचल अमृत योजना
- नंदा गौरा योजना
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि योजनाओं का लाभ कितने लोगों तक पहुंच रहा है और केंद्रों में बच्चों के लिए किस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं पर भी हुई चर्चा
बैठक में बड़ी संख्या में मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न समस्याएं आयोग सदस्य के सामने रखीं। समस्याओं का संज्ञान लेते हुए योगेश सिंह रजवार ने बाल विकास परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी मुद्दों को पत्राचार के माध्यम से उच्च स्तर पर भेजा जाए ताकि जल्द समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को बेहतर और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना आवश्यक है।
हर जरूरतमंद तक योजनाएं पहुंचाने के निर्देश
आयोग सदस्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष आधार कैंप लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि कई बार दस्तावेजों की कमी के कारण जरूरतमंद लोग योजनाओं से वंचित रह जाते हैं, इसलिए विभाग को सक्रिय होकर कार्य करना चाहिए।
बाल श्रम और भिक्षावृत्ति रोकने पर जोर
बैठक में बाल श्रम और भिक्षावृत्ति जैसे गंभीर मुद्दों पर भी चर्चा हुई। आयोग सदस्य योगेश सिंह रजवार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे निराश्रित और जरूरतमंद बच्चों को चिन्हित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। किसी भी बच्चे को श्रम या भीख मांगने की स्थिति में नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
बड़ी संख्या में मौजूद रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी श्रीमती किरन जोशी, सेक्टर सुपरवाइजर्स तथा हल्द्वानी नगरीय क्षेत्र की बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं उपस्थित रहीं। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण सुझावों और जमीनी समस्याओं पर चर्चा की गई।
