मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा स्थित जागेश्वर धाम में श्रावणी मेले का शुभारंभ किया और हरेला पर्व पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
अल्मोड़ा। विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में गुरुवार को श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास के बीच श्रावणी मेले 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर मेले का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने भगवान जागेश्वर से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना करते हुए देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं तथा प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जागेश्वर मंदिर परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया।
147 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान से बदलेगी जागेश्वर धाम की तस्वीर

श्रावणी मेले के उद्घाटन अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार लगभग 147 करोड़ रुपये की लागत से जागेश्वर मास्टर प्लान पर तेजी से कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत मंदिर परिसर की ऐतिहासिक और धार्मिक गरिमा को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। मास्टर प्लान में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार करने और पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
‘जागेश्वर धाम आस्था का नहीं, दिव्य ऊर्जा का भी केंद्र’
मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर धाम भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करता है।
उन्होंने कहा कि उन्हें भी इस पावन धाम से हमेशा नई प्रेरणा और ऊर्जा मिलती है, जो उन्हें प्रदेशवासियों की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की शक्ति प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है, लेकिन उनकी मूल सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा।
हरेला पर्व पर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
हरेला पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौधरोपण करते हुए कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने का संदेश देने वाला सांस्कृतिक उत्सव है।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के बाद बढ़ी जागेश्वर धाम की लोकप्रियता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागेश्वर धाम आगमन के बाद देशभर के श्रद्धालुओं के बीच इस पवित्र धाम के प्रति आकर्षण तेजी से बढ़ा है।
उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दो महीनों में चार लाख से अधिक श्रद्धालु जागेश्वर धाम पहुंच चुके हैं। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय व्यापार, होटल व्यवसाय, परिवहन, हस्तशिल्प और स्वरोजगार को व्यापक लाभ मिलेगा।
धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के मंत्र के साथ उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से धार्मिक पर्यटन, सड़क एवं अन्य आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और जनता के सहयोग से उत्तराखंड जल्द ही देश के अग्रणी राज्यों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।
श्रावणी मेले को बताया आस्था और संस्कृति का महापर्व
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे श्रावणी मेले के दौरान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। राज्य सरकार इसे और अधिक भव्य, दिव्य तथा सुव्यवस्थित बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक मोहन सिंह मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा, मेयर अजय वर्मा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर.एस., जागेश्वर मंदिर समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
