भूमि खरीद विवाद में फंसी 15.50 लाख रुपये की राशि आयुक्त दीपक रावत के निर्देश पर समझौते के बाद पीड़ित को वापस मिली।
हल्द्वानी। जनसुनवाई के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की पहल पर भूमि खरीद के एक विवाद में फंसी 15 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि पीड़ित को वापस मिल गई।

मामला जनसुनवाई के दौरान सामने आया, जहां आस्था विहार पॉलीशीट हल्द्वानी निवासी संजय जनोटी ने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उन्होंने भीमताल क्षेत्र के ढूंगसील गांव निवासी पुष्पा पांडे से भूमि खरीदने के लिए अनुबंध किया था।
भूमि खरीद के लिए किए थे ऑनलाइन भुगतान

संजय जनोटी ने भूमि क्रय अनुबंध के आधार पर कुल 15 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि गूगल पे के माध्यम से पुष्पा पांडे के खाते में हस्तांतरित की थी। लेकिन जब भूमि की रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हुई तो रास्ते को लेकर विवाद सामने आ गया।
रास्ते के विवाद के कारण भूमि की रजिस्ट्री नहीं हो सकी। इसके बाद संजय जनोटी ने अपनी जमा की गई धनराशि वापस मांगी, लेकिन उन्हें रकम वापस नहीं मिली।
जनसुनवाई में पहुंचा मामला
धनराशि वापस न मिलने पर संजय जनोटी ने अपनी शिकायत जनसुनवाई में प्रस्तुत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त दीपक रावत ने दोनों पक्षों की सुनवाई की और विवाद का समाधान निकालने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति और समझौते की प्रक्रिया शुरू कराई गई।
आयुक्त के निर्देश पर हुआ समझौता
आयुक्त दीपक रावत के निर्देशानुसार दोनों पक्षों के बीच धनराशि वापसी को लेकर सहमति बनी। इसके बाद पुष्पा पांडे द्वारा बैंकिंग माध्यम से पूरी 15 लाख 50 हजार रुपये की राशि संजय जनोटी के खाते में वापस हस्तांतरित कर दी गई।
राशि प्राप्त होने के बाद संजय जनोटी ने राहत व्यक्त करते हुए आयुक्त दीपक रावत का आभार जताया।
जनसुनवाई बनी आम लोगों के लिए राहत का मंच
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि जनसुनवाई व्यवस्था आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन रही है। प्रशासनिक हस्तक्षेप और संवाद के जरिए कई जटिल मामलों का समाधान संभव हो रहा है, जिससे लोगों को न्याय और राहत मिल रही है।
