मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रक्षा बंधन के अवसर पर प्रदेशभर से आई बहनों ने रक्षा सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
देहरादून। रक्षा बंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रदेशभर से पहुंची बहनों ने रक्षा सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की। बुधवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं और बहनों ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना स्नेह और विश्वास व्यक्त किया। मुख्यमंत्री धामी ने भी प्रदेश की मातृशक्ति का आत्मीय स्वागत करते हुए सभी बहनों का आभार जताया और प्रदेशवासियों को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा बंधन केवल भाई-बहन के स्नेह का पर्व नहीं है, बल्कि यह विश्वास, अपनत्व और एक-दूसरे की सुरक्षा के संकल्प से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है। उत्तराखंड की मातृशक्ति और बहनों का स्नेह तथा आशीर्वाद उन्हें प्रदेश की सेवा करने और उत्तराखंड के विकास के लिए लगातार काम करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की भूमिका केवल परिवार तक सीमित नहीं है। आज महिलाएं समाज, अर्थव्यवस्था, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, स्वरोजगार, उद्यमिता और विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उत्तराखंड की मातृशक्ति ने राज्य निर्माण के आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास की यात्रा तक हर स्तर पर अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी है। महिलाओं और बेटियों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं से देशभर में महिलाओं और बेटियों को लाभ मिला है। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ ही उनके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी और बढ़ने की उम्मीद है।
उत्तराखंड में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भी महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य सरकार की सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर मिलें तथा वे आर्थिक रूप से किसी पर निर्भर न रहें।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ महिलाओं तक पहुंचना जरूरी है। इसी उद्देश्य से सरकार द्वारा महिलाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास, स्वयं सहायता समूह और उद्यमिता से जुड़े अवसरों को बढ़ाया जा रहा है।
उत्तराखंड में 3.09 लाख से ज्यादा महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लखपति दीदी की परिकल्पना को उत्तराखंड में तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। प्रदेश में अब तक 3 लाख 09 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों, कृषि आधारित गतिविधियों, हस्तशिल्प, हस्तकला, खाद्य प्रसंस्करण और विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। इससे महिलाओं के परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि पहाड़ और गांवों में तैयार होने वाले उत्पादों को बेहतर बाजार मिले, महिलाओं को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिले और उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो।
महिला स्वयं सहायता समूहों को योजनाओं से मिल रहा सहारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सरकार की कोशिश है कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक बाजार उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री के अवसरों को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।
मातृशक्ति के योगदान से बनेगा सशक्त उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। राज्य निर्माण से लेकर आज तक महिलाओं ने हर चुनौती में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पहाड़ की महिलाओं ने परिवार और समाज को संभालने के साथ कृषि, पशुपालन, स्वरोजगार और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उत्तराखंड की महिलाएं पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, कृषि, पर्यटन, हस्तशिल्प, स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं तो उसका सीधा सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार महिला सशक्तीकरण को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काम कर रही है।
मातृशक्ति का आशीर्वाद सरकार के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश की बहनों और मातृशक्ति का स्नेह उनके लिए विशेष महत्व रखता है। उनका आशीर्वाद उन्हें उत्तराखंड के विकास के लिए और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां महिलाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें। महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत किए बिना विकसित और सशक्त उत्तराखंड की कल्पना पूरी नहीं हो सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी से ही सशक्त उत्तराखंड और विकसित भारत के संकल्प को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती गीता पुष्कर धामी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, विधायक श्रीमती आशा नौटियाल, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई मातृशक्ति मौजूद रही।
