हरफनमौला साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल, लामाचौड़ में आयोजित स्वरचित कविता प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सामाजिक और समसामयिक विषयों पर प्रभावशाली काव्य-पाठ किया।
हल्द्वानी। साहित्य, संवेदनशीलता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम मंगलवार को लामाचौड़ स्थित आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल में देखने को मिला। हरफनमौला साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में आयोजित स्वरचित कविता प्रतियोगिता में विद्यालय के कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी मौलिक रचनाओं के माध्यम से विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और समसामयिक विषयों पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।

प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में साहित्यिक रुचि विकसित करना, रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें अपनी अभिव्यक्ति के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर साहित्यिक वातावरण से सराबोर नजर आया और विद्यार्थियों के उत्साह ने आयोजन को विशेष बना दिया।
हास्य, वीर, भक्ति और श्रृंगार रस की कविताओं ने बांधा समां

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने विभिन्न रसों पर आधारित कविताओं का पाठ किया। किसी ने हास्य के माध्यम से समाज की विसंगतियों पर कटाक्ष किया तो किसी ने वीर रस की रचनाओं से देशभक्ति और साहस का संदेश दिया। भक्ति रस और श्रृंगार रस पर आधारित कविताओं ने भी श्रोताओं का ध्यान आकर्षित किया।
कई विद्यार्थियों ने अपनी रचनाओं में प्रकृति, शिक्षा, परिवार, संस्कार, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे विषयों को भी प्रमुखता से स्थान दिया। उनकी प्रस्तुतियों में भावनात्मक गहराई के साथ-साथ भाषा की सरलता और विचारों की स्पष्टता देखने को मिली।
समसामयिक मुद्दों पर छात्रों की पैनी नजर
प्रतियोगिता की सबसे खास बात यह रही कि विद्यार्थियों ने केवल पारंपरिक विषयों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि देश और समाज से जुड़े चर्चित मुद्दों को भी अपनी कविताओं का विषय बनाया।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी, NEET पेपर लीक, लखनऊ अग्निकांड सहित कई समसामयिक घटनाओं पर आधारित रचनाओं ने उपस्थित लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। छात्रों ने इन विषयों पर अपनी संवेदनाओं, चिंताओं और विचारों को कविता के माध्यम से व्यक्त किया।
निर्णायक मंडल ने भी विद्यार्थियों की सामाजिक जागरूकता और विषय चयन की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी का साहित्य के माध्यम से समकालीन मुद्दों पर विचार रखना एक सकारात्मक संकेत है।
इन आधारों पर हुआ प्रतिभागियों का मूल्यांकन
प्रतियोगिता के दौरान निर्णायकों ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन कविता की मौलिकता, विषय-वस्तु, भाव पक्ष, भाषा-शैली, अभिव्यक्ति, मंच प्रस्तुति और श्रोताओं पर प्रभाव जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर किया।
विद्यार्थियों की रचनाओं में नवीनता और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कई प्रतिभागियों ने मंच पर प्रभावशाली प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
सभी प्रतिभागियों को मिला सम्मान
हरफनमौला साहित्यिक संस्था की ओर से प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। संस्था ने यह भी घोषणा की कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को आगामी विराट कवि सम्मेलन में काव्य-पाठ करने का विशेष अवसर दिया जाएगा।
इस घोषणा के बाद विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। संस्था का मानना है कि युवा प्रतिभाओं को बड़े मंच उपलब्ध कराकर उनके आत्मविश्वास और साहित्यिक विकास को नई दिशा दी जा सकती है।
साहित्यिक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक
कार्यक्रम के समापन अवसर पर हरफनमौला साहित्यिक संस्था के अध्यक्ष गौरव त्रिपाठी ने विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि साहित्यिक गतिविधियां बच्चों में सृजनशीलता, आत्मविश्वास, तार्किक सोच और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि कविता केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि समाज और समय की भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने और समाज को समझने का अवसर मिलता है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य विरेन्द्र सिंह एवं शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का नियमित आयोजन आवश्यक है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
