SIR अभियान की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के घर जाकर नोटिसों की सुनवाई के निर्देश।
देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को बड़ी राहत दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को नोटिसों की सुनवाई के लिए अनावश्यक रूप से बूथ पर न बुलाया जाए।

ऐसे मतदाताओं के मामलों में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) उनके घर जाकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेंगे और जारी नोटिसों की सुनवाई एवं निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। निर्वाचन विभाग का यह कदम विशेष रूप से उन मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिन्हें उम्र या शारीरिक असमर्थता के कारण मतदान केंद्र या संबंधित बूथ तक पहुंचने में परेशानी होती है।
मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों के साथ हुई SIR की समीक्षा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के मंडलायुक्तों तथा सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक में प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) की प्रगति की जिलेवार समीक्षा की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि SIR के दौरान मतदाताओं को किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी न हो। विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग और अन्य जरूरतमंद मतदाताओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि यदि किसी 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग या दिव्यांग मतदाता को विसंगति से संबंधित नोटिस जारी हुआ है तो उसे सुनवाई के लिए बूथ तक आने के लिए बाध्य न किया जाए। संबंधित बीएलओ उनके घर पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें।
विसंगति वाले नोटिसों का घर पर ही होगा समाधान
SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से संबंधित विभिन्न विसंगतियों को लेकर मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में निर्वाचन विभाग का उद्देश्य यह है कि पात्र मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए उचित अवसर मिले।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के मामलों में घर-घर जाकर सुनवाई और सत्यापन की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू की जाए।
इससे ऐसे मतदाताओं को लंबी दूरी तय करने, बूथ तक पहुंचने या शारीरिक परेशानी उठाने से राहत मिलेगी।
फॉर्म 6, 7 और 8 के आवेदनों का समय पर निस्तारण
बैठक में मतदाता सूची से जुड़े फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के तहत अब तक प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन आवेदनों की नियमानुसार जांच की जाए और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध तरीके से उनका निस्तारण किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि SIR के दौरान प्राप्त दावों और आपत्तियों को केवल संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि प्रत्येक मामले की वास्तविक स्थिति की जांच के बाद निस्तारित किया जाए, ताकि मतदाता सूची में किसी पात्र मतदाता का नाम प्रभावित न हो और अपात्र या गलत प्रविष्टियों की भी उचित जांच हो सके।
एक व्यक्ति के पांच से अधिक दावे-आपत्तियों पर ERO करेंगे जांच
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दावे एवं आपत्तियों से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी एक मतदाता द्वारा पांच से अधिक मामलों में दावे या आपत्तियां प्रस्तुत की जाती हैं, तो ऐसे मामलों की नियमानुसार जांच और सत्यापन किया जाए।
उन्होंने संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) को अपने स्तर पर ऐसे मामलों की विधिवत जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दावे और आपत्तियां वास्तविक आधार पर हों तथा निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
मंडलायुक्त करेंगे जिलों का दौरा, होगी सुपर चैकिंग
SIR अभियान की जमीनी स्थिति की निगरानी को और मजबूत करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत और गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप को अपने-अपने मंडलों के जिलों का दौरा करने के निर्देश दिए हैं।
दोनों मंडलायुक्त जिलेवार विजिट कर SIR की प्रक्रिया की सुपर चैकिंग करेंगे। इस दौरान मतदाता सूची पुनरीक्षण, नोटिसों की सुनवाई, दावे-आपत्तियों के निस्तारण और संबंधित अधिकारियों की ओर से की जा रही कार्रवाई की स्थिति का जायजा लिया जाएगा।
SIR में पारदर्शिता और मतदाताओं की सुविधा पर जोर
बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान नियमों का पालन करने के साथ-साथ मतदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता का भी विशेष ध्यान रखा जाए।
निर्वाचन विभाग का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि पात्र मतदाता मतदाता सूची में बने रहें और किसी भी वास्तविक मतदाता को प्रक्रिया के कारण अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के अलावा दोनों मंडलायुक्त और सभी जिलों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।
