मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के देवीधुरा स्थित माँ वाराही धाम के पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही।
चंपावत। उत्तराखंड सरकार अब प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने शनिवार को जनपद Champawat के प्रसिद्ध माँ वाराही शक्तिपीठ धाम, देवीधुरा पहुँचकर मंदिर के पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों, मंदिर समिति और ट्रस्ट से निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और कहा कि यह धाम केवल श्रद्धा का केंद्र नहीं, बल्कि उत्तराखंड की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।
“आस्था के साथ आधुनिक सुविधाओं का होगा समावेश” : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि माँ वाराही धाम का विकास उसकी मूल पौराणिक गरिमा और पारंपरिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को यहां आध्यात्मिक अनुभव के साथ आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में देवीधुरा स्थित माँ वाराही धाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
राजस्थान के पत्थरों और गुजरात के कारीगरों से बनेगा भव्य मंदिर
जानकारी के अनुसार माँ वाराही मंदिर के नवनिर्माण पर लगभग ₹15 करोड़ की लागत आएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को चार खाम सात थोक और माँ वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट द्वारा अगले दो से तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा।
मंदिर निर्माण में राजस्थान के विशेष नक्काशीदार पत्थरों का उपयोग किया जाएगा, जबकि मंदिर की स्थापत्य कला और शिल्प कार्य गुजरात के विशेषज्ञ कारीगरों की निगरानी में संपन्न होंगे। इससे मंदिर को पारंपरिक भारतीय वास्तुकला का भव्य स्वरूप मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, प्रदेश की खुशहाली की कामना
देवीधुरा पहुंचने पर मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने माँ वाराही मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
“निपुण का संगीत” पुस्तक भी की गई भेंट
इस दौरान जगदीश चंद्र गहतोड़ी ‘नवनीत’ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत संचालित निपुण भारत अभियान से संबंधित अपनी पुस्तक “निपुण का संगीत” मुख्यमंत्री को भेंट की।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
निरीक्षण कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, माँ वाराही मंदिर समिति के संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, समिति अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर माँ वाराही धाम का विकास आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक वास्तुकला के संतुलन के साथ किया गया, तो यह कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और छोटे व्यापारियों को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
