यूपीसीएल की 674 करोड़ की मांग खारिज, उपभोक्ताओं के लिए राहत
देहरादून। उत्तराखंड के लोगों को बड़ी राहत मिली है। राज्य में अब बिजली की दरें नहीं बढ़ेंगी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें कंपनी ने 674.77 करोड़ रुपये की मांग की थी।

यूपीसीएल का कहना था कि यह रकम पुराने खर्च और डिले पेमेंट सरचार्ज (DPS) की भरपाई के लिए चाहिए, लेकिन आयोग ने साफ कहा कि नियम सबके लिए समान हैं और उपभोक्ताओं पर इस बोझ को डालना ठीक नहीं।
लाइन लॉस पर भी सख्ती

आयोग ने यूपीसीएल के अगले तीन वर्षों के लिए लाइन लॉस लक्ष्य भी घटा दिए:
- 2025-26: 13.50% से घटाकर 12.75%
- 2026-27: 13.21% से घटाकर 12.25%
- 2027-28: 12.95% से घटाकर 11.75%
आयोग ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में यूपीसीएल का वास्तविक लाइन लॉस लक्ष्य से काफी अधिक रहा है।
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जनसुनवाई में हुआ विरोध
5 अगस्त को हुई जनसुनवाई में उपभोक्ताओं और विशेषज्ञों ने भी यूपीसीएल की मांग का विरोध किया और कहा कि निगम की लापरवाही का बोझ जनता पर डालना गलत है।
उपभोक्ताओं के लिए राहत
अब बिजली के दाम स्थिर रहेंगे और उपभोक्ताओं को महंगाई का नया झटका नहीं लगेगा। आयोग ने साफ कर दिया है कि पारदर्शिता और उपभोक्ता हित सबसे ऊपर हैं।
