अयोध्या में उत्तराखंड के राज्य अतिथि गृह और रुद्रपुर में आधुनिक इंडोर-आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की प्रस्तावित परियोजनाएं।
देहरादून। उत्तराखंड में विकास का दायरा अब केवल सड़क, भवन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य की विकास योजनाओं में संस्कृति, धार्मिक विरासत, पर्यटन और खेल जैसी प्राथमिकताओं को भी प्रमुखता दी जा रही है। इसी कड़ी में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य सचिवालय में महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में खास तौर पर अयोध्या धाम में प्रस्तावित उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह और ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर स्थित मोदी मैदान में प्रस्तावित इंडोर एवं आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर चर्चा हुई। दोनों परियोजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग है, लेकिन सरकार की योजना में दोनों को उत्तराखंड की पहचान और भविष्य की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
अयोध्या में ₹67.83 करोड़ से बनेगा उत्तराखंड का राज्य अतिथि गृह

अयोध्या धाम में उत्तराखंड का भव्य राज्य अतिथि गृह करीब ₹67.83 करोड़ की अनुमानित लागत से तैयार किए जाने का प्रस्ताव है। इस भवन को सिर्फ सरकारी अतिथियों के ठहरने की सुविधा तक सीमित रखने के बजाय उत्तराखंड की सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान को प्रदर्शित करने वाले केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों को भवन की डिजाइन और निर्माण में उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। भवन की आंतरिक सज्जा में भी प्रदेश की लोक संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और विशिष्ट पहचान को स्थान देने पर जोर दिया गया है।
ओम पर्वत से पंचाचूली तक दिखेगी उत्तराखंड की झलक
प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह की सबसे खास विशेषताओं में इसकी थीम आधारित डिजाइन शामिल है। योजना के अनुसार भवन के अलग-अलग तल उत्तराखंड के प्रमुख प्राकृतिक और सांस्कृतिक प्रतीकों पर आधारित होंगे।
इनमें ओम पर्वत, ग्लेशियर, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क और पंचाचूली पर्वत शिखर जैसे प्रतीकों को थीम का हिस्सा बनाने की योजना है। इसका उद्देश्य अयोध्या आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं को उत्तराखंड की विविधता से परिचित कराना है।
इस तरह राज्य अतिथि गृह को उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक उपस्थिति को राष्ट्रीय स्तर पर सामने रखने के एक माध्यम के तौर पर विकसित करने की तैयारी है।
‘बारात घर’ हटेगा, अतिथि गृह की जरूरतों के अनुसार बदलेगी योजना
समीक्षा के दौरान प्रस्तावित भवन की मूल योजना में शामिल ‘बारात घर’ को हटाने का निर्णय लिया गया है। इसके स्थान पर भवन को राज्य अतिथि गृह के निर्धारित मानकों, उपयोगिता और आवश्यक सुविधाओं के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का जोर परियोजना के स्वरूप को स्पष्ट रखते हुए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर है, ताकि भवन अपने निर्धारित उद्देश्य को प्रभावी तरीके से पूरा कर सके।
रुद्रपुर में ₹2332.05 लाख से आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
दूसरी ओर, ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित मोदी मैदान में इंडोर एवं आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की तैयारी तेज की जा रही है। परियोजना की संशोधित लागत ₹2332.05 लाख निर्धारित की गई है।
परियोजना के पूर्व आगणन की लागत ₹2374.56 लाख थी। समीक्षा और परीक्षण के बाद इसे संशोधित कर ₹2332.05 लाख किया गया है। संशोधित प्रस्ताव को विभागीय व्यय समिति की प्रक्रिया में आगे बढ़ाया गया है।
सरकार का उद्देश्य इस खेल परिसर के माध्यम से स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों को बेहतर एवं आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इंडोर परिसर में जिम, टेबल टेनिस और बैडमिंटन
संशोधित परियोजना में इंडोर खेल सुविधाओं में भी बदलाव किया गया है। पहले प्रस्तावित स्क्वैश और बिलियर्ड्स को योजना से हटाकर अब जिम, टेबल टेनिस और बैडमिंटन को शामिल किया गया है।
इस बदलाव के पीछे परियोजना को स्थानीय जरूरतों और अधिक व्यापक उपयोगिता से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इससे ज्यादा खिलाड़ियों और युवाओं को परिसर की सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
आउटडोर में फुटबॉल से टेनिस तक कई खेलों की सुविधा
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के आउटडोर हिस्से में भी कई खेलों के लिए सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। यहां वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, फुटबॉल, पिकलबॉल और टेनिस के लिए व्यवस्थाएं की जाएंगी।
इसके अलावा परिसर में करीब एक किलोमीटर लंबा साइकिलिंग रूट और ट्रैक पाथ भी विकसित करने की योजना है। खिलाड़ियों और आगंतुकों की सुविधा को देखते हुए पर्याप्त संख्या में टॉयलेट और चेंजिंग रूम भी बनाए जाएंगे।
इससे खेल परिसर केवल प्रतियोगिताओं के आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं के नियमित अभ्यास और फिटनेस गतिविधियों के लिए भी उपयोगी बनाया जा सकेगा।
लागत घटाई, सुविधाओं को बनाया ज्यादा उपयोगी
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की संशोधित योजना में लागत को नियंत्रित करने के साथ-साथ सुविधाओं की उपयोगिता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया है। इसी क्रम में बाउंड्रीवाल की ऊंचाई कम करने और कुछ हिस्सों में उसके स्थान पर लोहे की ग्रिल लगाने का प्रावधान किया गया है।
इस बदलाव से परियोजना की लागत कम हुई है। तकनीकी एवं प्रशासनिक स्तर पर परियोजना के आगणन की समीक्षा के बाद इसमें आवश्यक संशोधन किए गए हैं।
टीएसी और नियोजन विभाग द्वारा आगणन के परीक्षण के बाद 14 अगस्त 2026 को हुई विभागीय व्यय समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप परियोजना में बदलाव किए गए।
संस्कृति और खेल, दोनों क्षेत्रों को साथ लेकर आगे बढ़ने का प्रयास
सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य की विकास परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और जनोपयोगी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। वहीं रुद्रपुर का इंडोर एवं आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स प्रदेश के युवाओं और खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में अपर सचिव/राज्य संपत्ति अधिकारी अभिषेक रुहेला, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी और कार्यदायी संस्था उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, निर्माण इकाई देहरादून के परियोजना प्रबंधक राकेश चंद्र तिवारी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, अयोध्या में प्रस्तावित अतिथि गृह जहां उत्तराखंड की पहचान, संस्कृति और प्राकृतिक विरासत को प्रदर्शित करने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना है, वहीं रुद्रपुर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स प्रदेश की युवा खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच और आधुनिक सुविधाएं देने की योजना का हिस्सा है। दोनों परियोजनाओं के जरिए सरकार विकास को संस्कृति और युवा शक्ति से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
