दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे उद्घाटन में पीएम मोदी का पहाड़ी अंदाज
देहरादून। Prime Minister Narendra Modi ने एक बार फिर अपने खास अंदाज में उत्तराखंड के लोगों का दिल जीत लिया। दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान उनका भाषण सिर्फ औपचारिक नहीं रहा, बल्कि उसमें स्थानीय संस्कृति, भाषा और आस्था की झलक साफ दिखाई दी। यही वजह है कि उनका संबोधन लोगों से सीधे जुड़ता नजर आया।

पहाड़ी भाषा और संस्कृति को दिया सम्मान
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत ही पहाड़ी शब्दों जैसे भुला–भुलियों, सयाणा, आमा, बाबा से की। यह उनके लोकल कनेक्ट की मजबूत पहचान है। वे हमेशा यह सुनिश्चित करते हैं कि जहां भी जाएं, वहां की संस्कृति और भाषा को सम्मान दें। उनके इस प्रयास से स्थानीय लोगों को अपनापन महसूस होता है।

धार्मिक आस्था और परंपराओं का जिक्र
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने मां डाट काली के आशीर्वाद का विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि देहरादून पर उनकी कृपा बनी हुई है। इसके अलावा उन्होंने संतला माता मंदिर, हरिद्वार कुंभ, नंदा राजजात यात्रा, पंच बदरी, पंच केदार और पंच प्रयाग जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी जिक्र किया। यह सिर्फ एक भाषण नहीं था, बल्कि उत्तराखंड की आस्था और परंपरा के प्रति सम्मान का संदेश भी था।
पीएम-सीएम की मजबूत बॉन्डिंग फिर आई नजर
कार्यक्रम के दौरान Pushkar Singh Dhami और प्रधानमंत्री मोदी के बीच मजबूत तालमेल भी देखने को मिला। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री को लोकप्रिय, कर्मठऔरयुवा बताते हुए उनकी सराहना की। मंच पर भी दोनों नेताओं के बीच सहज बातचीत देखने को मिली, जिससे उनके बेहतर समन्वय का संकेत मिला।
विकास और भावनाओं का संतुलन
प्रधानमंत्री का यह दौरा सिर्फ विकास परियोजना के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने विकास के साथ-साथ भावनात्मक जुड़ाव भी स्थापित किया। यही कारण है कि उनका भाषण लोगों के बीच लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।
