नैनीताल जिले के ज्योलिकोट, बेलवाखान और मलुवाताल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य जांच, उपचार, काउंसलिंग और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य टीमों द्वारा ग्रामीणों की जांच की जा रही है और स्वच्छ पेयजल तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
नैनीताल। नैनीताल जिले के ज्योलिकोट और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार जारी है। ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही पीलिया और डायरिया जैसी बीमारियों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य जांच, उपचार, काउंसलिंग और जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की लगातार निगरानी और जांच के बीच क्षेत्र में पीलिया एवं डायरिया के नए मामलों में काफी कमी दर्ज की जा रही है। वहीं, ब्लड सैंपलों की दोबारा जांच में भी स्थिति में सुधार के संकेत मिले हैं।

सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट, बेलवाखान और मलुवाताल में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ग्रामीणों की जांच की और जरूरत के अनुसार दवाएं वितरित कीं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 72 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। बेलवाखान में 30 लोगों की स्वास्थ्य जांच, 42 लोगों के ब्लड टेस्ट और 113 लोगों की काउंसलिंग की गई। इसके अलावा 16 लोगों को टेली-कंसल्टेंसी की सुविधा दी गई।
वहीं, मलुवाताल क्षेत्र में भी स्वास्थ्य टीम ने पहुंचकर 77 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यकतानुसार दवाओं का वितरण किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने और ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।

ज्योलिकोट में पीलिया और डायरिया के नए मामलों में कमी, सैंपलों की री-टेस्टिंग में सुधार के संकेत
ज्योलिकोट और आसपास के क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच और ब्लड सैंपलिंग का कार्य जारी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, लगातार जांच और निगरानी के बीच पीलिया एवं डायरिया के नए मामलों में अब काफी कमी दर्ज की जा रही है। ब्लड सैंपलों की री-टेस्टिंग में भी स्थिति में सुधार के संकेत मिले हैं।
हालांकि, प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी में ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों के स्वास्थ्य की स्थिति पर नजर रखने के साथ ही जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
PHC ज्योलिकोट में 72 लोगों की जांच, बेलवाखान में 113 लोगों की काउंसलिंग
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को अलग-अलग क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर और जांच अभियान चलाया गया।
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट: 72 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
- बेलवाखान: 30 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई।
- ब्लड टेस्ट: बेलवाखान में 42 लोगों के रक्त के नमूने लेकर जांच की गई।
- काउंसलिंग: बेलवाखान में 113 लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।
- टेली-कंसल्टेंसी: 16 लोगों को दूरभाष के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया।
- मलुवाताल: 77 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यकतानुसार दवाएं वितरित की गईं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ग्रामीणों को बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी। विभाग का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि किसी भी व्यक्ति को बीमारी के लक्षण दिखने पर समय से उपचार मिल सके।
ग्राम ज्योली पहुंचीं सीएमओ डॉ. रश्मि पंत, ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति किया जागरूक
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने ग्राम ज्योली में जनसंपर्क कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने लोगों को जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों के बारे में बताया।
उन्होंने ग्रामीणों को नियमित रूप से हाथ धोने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करने और सुरक्षित भोजन करने की सलाह दी।
सीएमओ ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को उल्टी-दस्त, पीलिया, बुखार या अन्य असामान्य स्वास्थ्य लक्षण दिखाई दें तो वह लापरवाही न करे और समय पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच कराए।
उन्होंने कहा कि बीमारी की पहचान समय पर होने से उचित उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। इसलिए ग्रामीणों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है।
ज्योलिकोट के रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, साफ-सफाई पर जोर
प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने ज्योलिकोट के रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को नियमित साफ-सफाई बनाए रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही, ग्राहकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से खाद्य प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई के मानकों का पालन करने और ग्राहकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की हिदायत दी गई, ताकि दूषित पानी और असुरक्षित भोजन से होने वाली बीमारियों के खतरे को कम किया जा सके।
PHC ज्योलिकोट पहुंचकर सीएमओ ने स्वास्थ्य टीमों का बढ़ाया उत्साह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट पहुंचकर स्वास्थ्य टीमों से क्षेत्र में चल रही गतिविधियों की जानकारी ली।
उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लगातार सक्रियता के साथ किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच, निगरानी, जनजागरूकता और आवश्यक उपचार सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएमओ ने कहा कि ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए स्वास्थ्य टीमों को लगातार सक्रिय रहकर काम करना होगा।
मलुवाताल में भी पहुंची स्वास्थ्य टीम, 77 लोगों की जांच कर बांटी दवाएं
ज्योलिकोट क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी स्वास्थ्य विभाग ने अपनी गतिविधियां तेज रखी हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर मलुवाताल क्षेत्र में स्वास्थ्य टीम भेजी गई। टीम ने वहां 77 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और जरूरत के अनुसार दवाओं का वितरण किया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि बीमारी के लक्षण वाले लोगों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
ग्रामीणों से अपील: स्वच्छ पानी पिएं, उल्टी-दस्त या पीलिया के लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने ज्योलिकोट और आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों से स्वच्छता संबंधी सावधानियां अपनाने की अपील की है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे:
- हमेशा स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का उपयोग करें।
- भोजन करने से पहले और शौच के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं।
- व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
- भोजन को साफ-सुथरे तरीके से तैयार करें और सुरक्षित रखें।
- उल्टी-दस्त, पीलिया, बुखार या अन्य असामान्य लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ज्योलिकोट और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, जांच, उपचार और जनजागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा।
