होशियारपुर के मुकेरियां में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के तहत आयोजित रोड शो में शामिल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।
होशियारपुर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंजाब में नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान के तहत होशियारपुर जिले के मुकेरियां क्षेत्र में आयोजित विशाल रोड शो में हिस्सा लिया। ‘नशा मुक्त पंजाब, नशा मुक्त भारत’ के संकल्प के साथ पहुंचे मुख्यमंत्री ने नशे की समस्या के खिलाफ लोगों से एकजुट होकर आगे आने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाने का आह्वान किया।

मुकेरियां के नंगला बिहाल क्षेत्र में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की समस्या केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा का उपयोग नशे में बर्बाद होने के बजाय देश और समाज के निर्माण में होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम को नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है और इसके लिए युवाओं, परिवारों तथा समाज के सभी वर्गों को आगे आना होगा।

मुकेरियां में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के तहत जनसभा, युवाओं से नशे के खिलाफ एकजुट होने की अपील
पंजाब में नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने होशियारपुर जिले के मुकेरियां क्षेत्र के नंगला बिहाल में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। यह कार्यक्रम ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के तहत आयोजित तीसरी जनसभा बताया गया।
मुख्यमंत्री ने सभा में मौजूद लोगों से नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे की लत से युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है और इसका असर उनके परिवारों पर भी पड़ता है।
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा, मेहनत और ऊर्जा का इस्तेमाल देश के विकास और समाज की बेहतरी के लिए होना चाहिए। नशे से दूर रहकर युवा अपने परिवार और राष्ट्र के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान दे सकते हैं।
‘नशा केवल व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करता है’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में नशे की समस्या के सामाजिक और पारिवारिक प्रभावों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशा किसी एक व्यक्ति की जिंदगी को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इससे पूरे परिवार का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाना जरूरी है। इसके लिए परिवारों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने ‘नशा मुक्त पंजाब’ से ‘नशा मुक्त भारत’ की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे।
आम आदमी पार्टी की नीतियों पर सीएम धामी ने उठाए सवाल
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने पंजाब को नशामुक्त बनाने और नशे पर अंकुश लगाने का वादा किया था, लेकिन उनके अनुसार राज्य आज भी नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहा है।
मुख्यमंत्री ने नशे की समस्या को लेकर राज्य सरकार की नीतियों और फैसलों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण पंजाब में नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया है।
यह आरोप मुख्यमंत्री धामी ने अपने राजनीतिक संबोधन के दौरान लगाए। जनसभा में उन्होंने नशे के खिलाफ कार्रवाई और युवाओं को इस समस्या से दूर रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के नशामुक्ति अभियान का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करी पर कार्रवाई तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि युवाओं को जागरूक करने, नशे की लत से प्रभावित लोगों के उपचार और उनके पुनर्वास पर भी ध्यान देना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने नशे की तस्करी पर कार्रवाई के साथ जागरूकता, उपचार और पुनर्वास को भी नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
युवाओं के भविष्य और नशामुक्त समाज के निर्माण पर दिया जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता बढ़ाने और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की जरूरत है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के साथ-साथ परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझें।
मुख्यमंत्री ने ‘नशा मुक्त पंजाब, नशा मुक्त भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास ही समाज को इस समस्या से बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं।
