मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोपेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में 155 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया और जनता तक प्रशासन पहुंचाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चमोली जनपद के गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और सुशासन के मॉडल को विस्तार से जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार का मूल उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगवाना नहीं, बल्कि प्रशासन को स्वयं गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाकर समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “जनता की सेवा ही सरकार का सबसे बड़ा धर्म है।” इसी सोच के साथ राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान बना जनसंपर्क का बड़ा माध्यम

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल सरकारी शिविर नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच की दूरी को खत्म करने की एक प्रभावी पहल है।
उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण में पूरे प्रदेश में 6 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की, जबकि 60 हजार से अधिक शिकायतों और समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार के सेवा, सुशासन एवं समर्पण के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रशासन सीधे जनता के बीच जाकर अपनी जवाबदेही निभा रहा है।
सीमांत गांवों के विकास पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सीमांत गांव ही प्रथम गांव” के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” का संकल्प अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। सीमांत क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
राज्य ने पांच वर्षों में दर्ज की कई बड़ी उपलब्धियां
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बीते वर्षों में उत्तराखंड ने विकास के कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
उन्होंने प्रमुख उपलब्धियां गिनाते हुए कहा—
- राज्य में पहली बार G-20 बैठकों का सफल आयोजन हुआ।
- उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की।
- शीतकालीन यात्रा शुरू होने से पूरे वर्ष पर्यटन को बढ़ावा मिला।
- राज्य में 3.75 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए।
- इनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर कार्य शुरू हो चुका है।
- GST संग्रह और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
- स्टार्टअप, पर्यटन और होमस्टे सेक्टर में तेजी आई।
- गांवों की ओर रिवर्स पलायन की सकारात्मक तस्वीर सामने आई है।
सख्त कानूनों का जिक्र, पारदर्शी भर्ती पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।
उन्होंने बताया कि—
- समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई।
- धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया।
- नकल विरोधी कानून से भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी बनी।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई।
- अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
चमोली को मिली 155 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में चमोली जिले में हजारों करोड़ रुपये की विकास योजनाएं शुरू की गई हैं।
उन्होंने कार्यक्रम के दौरान 155 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 63 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों में नई गति मिलेगी।
बदरीनाथ, माणा और नीति क्षेत्र का तेजी से हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरीनाथ धाम, माणा, नीति और आसपास के सीमांत क्षेत्रों में मास्टर प्लान के तहत तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
रेल परियोजना और हेली एम्बुलेंस से बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है।
इसके पूरा होने से चमोली सहित पूरे पर्वतीय क्षेत्र में—
- पर्यटन को नई गति मिलेगी।
- व्यापार बढ़ेगा।
- युवाओं को रोजगार मिलेगा।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2024 से अब तक हेली एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से चमोली के 76 गंभीर मरीजों को समय पर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाकर उनकी जान बचाई गई है।
महिलाओं और किसानों के लिए सरकार की बड़ी उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि चमोली जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों का विस्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि—
- 42 हजार से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं।
- 25 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
- किसान सम्मान निधि के तहत 48 हजार से अधिक किसानों को 196 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी गई है।
- दीनदयाल होमस्टे योजना के अंतर्गत जिले में 872 नए होमस्टे स्थापित किए गए हैं, जिससे स्थानीय युवाओं और परिवारों को रोजगार मिला है।
जनता से शिविरों में भाग लेने की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और विकास की इस यात्रा के सहभागी बनें।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बदरीनाथ मंदिर चोरी पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने बदरीनाथ मंदिर चोरी प्रकरण को अत्यंत गंभीर बताते हुए स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पुलिस और जांच एजेंसियों को दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले का निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
