चारधाम यात्रा को लेकर भ्रामक वीडियो फैलाने वालों पर उत्तराखंड पुलिस की सख्त कार्रवाई।
देहरादून। चारधाम यात्रा 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक, तथ्यहीन और भ्रम फैलाने वाले वीडियो प्रसारित करने वालों पर उत्तराखंड पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। यात्रा व्यवस्थाओं को प्रभावित करने और श्रद्धालुओं में भ्रम फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ अब सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

इसी क्रम में थाना सोनप्रयाग में एक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
यात्रा पूरी तरह सुचारू, श्रद्धालु कर रहे व्यवस्थित दर्शन

उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो रही है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालु व्यवस्थित तरीके से दर्शन कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो पुराने, भ्रामक या तथ्यों से परे हैं, जिनका उद्देश्य भ्रम फैलाना है। ऐसे वीडियो देखने के बाद लोग गलत धारणा बना लेते हैं, जिससे यात्रा प्रबंधन पर भी असर पड़ सकता है।
4 से 5 अन्य वीडियो भी जांच के दायरे में
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल 4 से 5 अन्य संदिग्ध वीडियो की भी गहन जांच की जा रही है। जांच के बाद यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उत्तराखंड पुलिस की साइबर और इंटेलिजेंस टीमें लगातार ऐसे कंटेंट की निगरानी कर रही हैं।
24×7 सोशल मीडिया मॉनिटरिंग शुरू
चारधाम यात्रा सीजन को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर), यूट्यूब और व्हाट्सएप सहित विभिन्न माध्यमों पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी प्रकार की झूठी सूचना, एडिटेड वीडियो, फर्जी दावा या भ्रामक पोस्ट को तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं और आमजन से पुलिस की अपील
उत्तराखंड पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अप्रमाणित सूचना को शेयर न करें। यात्रा से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों से ही प्राप्त करें। विशेष रूप से श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे मौसम, मार्ग, ट्रैफिक, रजिस्ट्रेशन और दर्शन व्यवस्था से संबंधित जानकारी सरकारी पोर्टल और प्रशासनिक चैनलों से ही लें।
अफवाह फैलाने वालों पर क्या हो सकती है कार्रवाई?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, फर्जी सूचना फैलाने, सामाजिक अशांति पैदा करने या प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने पर IPC/BNSS/IT Act की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई संभव है। इसमें FIR, गिरफ्तारी, जुर्माना और जेल तक का प्रावधान हो सकता है।
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था, अर्थव्यवस्था और पर्यटन से जुड़ा बड़ा आयोजन है। ऐसे में झूठी सूचनाएं फैलाना न केवल गैरजिम्मेदाराना है, बल्कि कानूनी अपराध भी है। उत्तराखंड पुलिस ने साफ संकेत दे दिया है कि अब अफवाहबाजों को बख्शा नहीं जाएगा।
