हल्द्वानी रोडवेज बस स्टेशन से दिल्ली रवाना होते सांसद अजय भट्ट, सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की।
हल्द्वानी। नैनीताल से लोकसभा सांसद Ajay Bhatt ने शुक्रवार को हल्द्वानी रोडवेज बस स्टेशन से दिल्ली के लिए बस द्वारा यात्रा कर लोगों को ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का बड़ा संदेश दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अजय भट्ट की यह पहल आमजन के बीच सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई।

बस में सफर शुरू करने से पहले सांसद अजय भट्ट ने कहा कि उनकी यह पहल प्रधानमंत्री Narendra Modi के “ईंधन बचाओ – पर्यावरण बचाओ” संकल्प से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि देश आज ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसमें हर नागरिक की भागीदारी बेहद जरूरी है।
सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील

सांसद अजय भट्ट ने कहा कि अगर लोग निजी वाहनों का अनावश्यक उपयोग कम करें और बस, ट्रेन तथा साझा वाहनों जैसे सार्वजनिक परिवहन साधनों को प्राथमिकता दें, तो इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि बढ़ते प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि आज शहरों में ट्रैफिक और प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे समय में सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
“छोटे बदलाव भी बन सकते हैं बड़ा योगदान”
अजय भट्ट ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल बड़ी योजनाओं से नहीं बल्कि लोगों की छोटी-छोटी जिम्मेदारियों और सकारात्मक आदतों से भी होता है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति सप्ताह में कुछ दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का संकल्प ले, तो इसका बड़ा सकारात्मक असर देश की ऊर्जा खपत और पर्यावरण पर दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ उठाया गया हर छोटा कदम भारत को अधिक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने में मदद करेगा।
लोगों से जनभागीदारी बढ़ाने की अपील
सांसद भट्ट ने आम जनता से ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत को लेकर अभियान चला रही है, लेकिन इसकी सफलता तभी संभव है जब आम लोग भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग केवल आर्थिक रूप से ही लाभकारी नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाने का भी बेहतर माध्यम है।
