गुरुग्राम में आयोजित AWPL विजय पर्व कार्यक्रम में संबोधन देते उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।
गुरुग्राम। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुग्राम में आयोजित AWPL के भव्य “विजय पर्व” कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने डायरेक्ट सेलिंग मॉडल को आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि यह मॉडल लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में उन मेहनती और प्रतिभाशाली लोगों को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अपने समर्पण और परिश्रम से सफलता की नई मिसाल कायम की है।
डायरेक्ट सेलिंग मॉडल को बताया बदलाव का माध्यम

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि AWPL अपने उत्पादों को डायरेक्ट सेलिंग मॉडल के माध्यम से सीधे ग्राहकों तक पहुंचा रहा है। इससे ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद मिल रहे हैं और लाखों लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ यह साबित करती है कि डायरेक्ट सेलिंग मॉडल आज देशभर में लोगों के जीवन को बदलने का बड़ा माध्यम बन चुका है।
युवाओं को दिया जॉब क्रिएटर बनने का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को “जॉब सीकर” नहीं, बल्कि “जॉब क्रिएटर” बनने की प्रेरणा दी जा रही है। AWPL जैसे प्लेटफॉर्म इस सोच को जमीन पर उतार रहे हैं।
उन्होंने कहा कि डायरेक्ट सेलिंग केवल आय का साधन नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाने का मंच भी है।
महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महिलाएं आज ऐसे मंचों के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और समाज में नई पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति का सशक्तिकरण किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत है।
2021 के नियमों से बढ़ी पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में डायरेक्ट सेलिंग सेक्टर के लिए उपभोक्ता संरक्षण और स्पष्ट नियम लागू किए, जिससे इस क्षेत्र में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन नियमों के बाद डायरेक्ट सेलिंग सेक्टर को संगठित और भरोसेमंद ढांचा मिला है।
उत्तराखंड का विकास मॉडल रखा सामने
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में उत्तराखंड की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने बताया कि:
- ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2023 में 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते हुए
- इनमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक प्रस्ताव जमीन पर उतरे
- राज्य की GSDP में 7.23% वृद्धि दर्ज हुई
- प्रति व्यक्ति आय में 41% बढ़ोतरी हुई
- वार्षिक बजट 60 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हुआ
उद्योग, स्टार्टअप और पर्यटन में तेजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में:
- 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए
- स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर 1750+ हुई
- हेलिपोर्ट और हेलिपैड में तेजी से वृद्धि हुई
- होटल उद्योग में 25% वृद्धि
- होमस्टे सेक्टर में 50% से अधिक बढ़ोतरी हुई
उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और पर्यटन को नई गति मिली है।
“हाउस ऑफ हिमालयाज” से महिलाओं को नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” अभियान को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड शुरू किया है। इसके जरिए स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि प्रदेश की करीब पौने तीन लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
AWPL की भूमिका की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि AWPL स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने सभी लोगों से विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भागीदार बनने की अपील की।
