सीपी राधाकृष्णन
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया है। राधाकृष्णन दक्षिण भारत से भाजपा के उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने संगठन को मजबूत करने और पार्टी का विस्तार करने में अहम भूमिका निभाई है।

दो बार लोकसभा सांसद
सीपी राधाकृष्णन पहली बार 1998 में कोयंबटूर लोकसभा सीट से सांसद बने और इसके बाद 1999 में दोबारा चुने गए। वे केंद्र में भाजपा के उभरते नेताओं में शामिल हो गए थे और संसद में सक्रिय भूमिका निभाई।

तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष
2004 से 2007 तक वे तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने राज्य में पार्टी संगठन को खड़ा करने और दक्षिण भारत में भाजपा के जनाधार को बढ़ाने का प्रयास किया।
राज्यपाल के रूप में योगदान
भाजपा नेतृत्व ने उनके अनुभव और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए उन्हें कई राज्यों का जिम्मा सौंपा। वे झारखंड, तेलंगाना और पुडुचेरी के राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) रहे। वर्तमान में वे महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं और अपने सादगीपूर्ण व्यवहार व प्रशासनिक अनुभव के लिए जाने जाते हैं।
स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कार्यों से जुड़ाव
राजनीतिक जीवन से पहले से ही राधाकृष्णन सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं। उन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों से भी जुड़ाव रहा है।
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार
एनडीए ने 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाकर यह संदेश दिया है कि संगठन अनुभवी और जमीनी नेताओं को महत्व देता है। चुनाव 9 सितंबर, 2025 को होगा। राधाकृष्णन की साफ-सुथरी छवि, संगठनात्मक अनुभव और लंबे राजनीतिक सफर को देखते हुए उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है।
