देहरादून में पुराने शिक्षकों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अपने पूर्व शिक्षकों के प्रति सम्मान और आत्मीयता का एक भावुक दृश्य सामने आया है। देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की मुलाकात उनके पुराने शिक्षकों से हो गई। वर्षों बाद अपने गुरुजनों को सामने देखकर मुख्यमंत्री धामी खुद को रोक नहीं पाए और बिना किसी औपचारिकता के सीधे उनके पास पहुंच गए। उन्होंने दोनों शिक्षकों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।

यह मुलाकात इसलिए भी खास रही, क्योंकि एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी थे तो दूसरी ओर उनके वे गुरुजन, जिन्होंने कभी उन्हें विद्यार्थी के रूप में कक्षा में बैठाकर शिक्षा दी थी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान अपने पद और प्रतिष्ठा से इतर एक सामान्य विद्यार्थी की तरह शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता जाहिर की। इस आत्मीय पल ने वहां मौजूद लोगों का भी ध्यान खींचा।
पुराने शिक्षकों को देखते ही गुरु चरणों में झुके मुख्यमंत्री धामी

देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मुलाकात अपने विद्यार्थी जीवन के दो शिक्षकों से हुई। काफी समय बाद अपने गुरुजनों को सामने देखकर मुख्यमंत्री के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने आगे बढ़कर दोनों शिक्षकों के पैर छुए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
यह दृश्य भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा और संस्कारों की एक सुंदर झलक के रूप में सामने आया। मुख्यमंत्री के लिए यह महज एक सामान्य मुलाकात नहीं थी, बल्कि अपने पुराने दिनों और विद्यार्थी जीवन की यादों को फिर से जीने का अवसर था।
प्राथमिक कक्षा से लेकर 12वीं तक पढ़ाने वाले शिक्षकों से हुई मुलाकात
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की मुलाकात उनके प्राथमिक कक्षा के शिक्षक जोहरा अब्बास और कक्षा 12वीं में पढ़ाने वाले शिक्षक सुदर्शन वर्मा से हुई। दोनों शिक्षकों ने अपने पुराने विद्यार्थी को प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में सामने देखकर खुशी जाहिर की।
शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के साथ विद्यार्थी जीवन से जुड़ी पुरानी यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि पुष्कर सिंह धामी पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ स्कूल की दूसरी गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहते थे। विद्यालय में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों में वे पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेते थे।
शिक्षकों के मुताबिक, विद्यार्थी जीवन में ही धामी की सक्रियता, सहभागिता और कुछ नया करने की इच्छा उन्हें दूसरे विद्यार्थियों से अलग पहचान दिलाती थी। पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में उनकी रुचि भी हमेशा देखने को मिलती थी।
पुराने विद्यार्थी को मुख्यमंत्री के रूप में देखकर शिक्षकों ने जताया गर्व
अपने पुराने विद्यार्थी को आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में देखकर दोनों शिक्षक भावुक और प्रसन्न नजर आए। उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी के विद्यार्थी जीवन की सक्रियता और आगे बढ़ने का उत्साह उन्हें आज भी याद है।
शिक्षकों के लिए यह गर्व का विषय रहा कि कभी उनके सामने कक्षा में बैठकर पढ़ाई करने वाला विद्यार्थी आज प्रदेश की जिम्मेदारी संभाल रहा है। उन्होंने अपने पुराने विद्यार्थी की उपलब्धि पर खुशी जताई और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री धामी ने याद किया गुरुजनों का योगदान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए गुरुजनों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
दरअसल, किसी भी व्यक्ति के जीवन में शिक्षक की भूमिका केवल किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं होती। शिक्षक विद्यार्थियों को अनुशासन, जिम्मेदारी, व्यवहार और जीवन में आगे बढ़ने की सीख भी देते हैं। मुख्यमंत्री की अपने पुराने शिक्षकों से हुई यह मुलाकात इसी रिश्ते की अहमियत को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री के इस व्यवहार ने यह संदेश भी दिया कि व्यक्ति जीवन में चाहे कितने ही बड़े पद पर क्यों न पहुंच जाए, उसे अपनी जड़ों और उन लोगों को नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने उसके व्यक्तित्व को गढ़ने में योगदान दिया है।
