बनबसा के पाटनी तिराहे पर भगवान श्री हनुमान की प्रतिमा का अनावरण करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। मुख्यमंत्री ने इस स्थान का नाम ‘हनुमान चौक’ करने की घोषणा की।
चम्पावत। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत जिले के बनबसा में धार्मिक आस्था, सामाजिक जागरूकता और प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदेश दिए। मुख्यमंत्री ने पाटनी तिराहे पर भगवान श्री हनुमान की लगभग 11 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने पाटनी तिराहे का नाम बदलकर ‘हनुमान चौक’ किए जाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठान, सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन और नशामुक्ति जागरूकता अभियान मुख्य आकर्षण रहे।

मुख्यमंत्री धामी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत बनबसा स्थित एनएचपीसी हेलीपैड पहुंचे। यहां वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ एवं सूत की माला भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री नशामुक्त देवभूमि उत्तराखंड के संकल्प को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित ‘नशामुक्ति सद्भावना दौड़’ में शामिल हुए। उन्होंने युवा बालक-बालिकाओं की दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
बनबसा के पाटनी तिराहे को मिला नया नाम, अब ‘हनुमान चौक’ के नाम से होगी पहचान

बनबसा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पाटनी तिराहे पर भगवान श्री हनुमान की लगभग 11 फीट ऊंची प्रतिमा का विधि-विधान से अनावरण किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रतिमा के अनावरण के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पाटनी तिराहे का नाम बदलकर ‘हनुमान चौक’ किए जाने की घोषणा की। इस घोषणा के बाद क्षेत्र के इस प्रमुख स्थान को भगवान श्री हनुमान के नाम से नई पहचान मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
कार्यक्रम में सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। वहीं, ‘जय श्री राम कीर्तन मंडल’ की ओर से प्रस्तुत भजन-कीर्तन ने धार्मिक माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में भाग लिया और भगवान श्री हनुमान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
नशामुक्त देवभूमि का संकल्प, युवाओं को दिया स्वस्थ जीवन का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने बनबसा में आयोजित नशामुक्ति सद्भावना दौड़ के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने युवा प्रतिभागियों की दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें, अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। ऐसे में खेलकूद, शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना जरूरी है। नशामुक्ति सद्भावना दौड़ का उद्देश्य भी लोगों, विशेषकर युवाओं को इस दिशा में जागरूक करना और नशामुक्त उत्तराखंड के संकल्प से जोड़ना रहा।
नवरात्रि और दशहरा की शुभकामनाएं, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नवरात्रि और दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां भगवती, भगवान श्रीराम और भगवान श्री हनुमान से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराएं समाज को एकजुट करने के साथ-साथ सकारात्मक मूल्यों को मजबूत करने का काम करती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।
मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी राज्य की उन्नति और प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। प्रदेश के विकास में महिलाओं की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है और उनके योगदान से समाज तथा अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को लेकर काम कर रही प्रदेश सरकार
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए उत्तराखंड सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का विकास केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को अवसर उपलब्ध कराना, महिलाओं को आगे बढ़ाना और समाज के सभी वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटियों की शिक्षा, उनके अधिकारों और समान अवसरों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने और राज्य के समग्र विकास को गति देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति में युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जागरूकता और बेहतर अवसरों के माध्यम से युवा अपनी क्षमताओं का उपयोग राज्य और देश के विकास में कर सकते हैं।
देवभूमि के साथ वीरभूमि और सैन्यभूमि भी है उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश देवभूमि होने के साथ-साथ वीरभूमि और सैन्यभूमि भी है। यहां के अनेक वीर सैनिकों ने देश की सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान करना तथा उनके कल्याण के लिए काम करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए समर्पित सैनिकों के योगदान को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाना चाहिए। सैनिकों के परिवारों के हितों की रक्षा, उनके कल्याण और प्रदेश की गौरवशाली सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का जिक्र
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाकर सैकड़ों एकड़ भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया है।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के संबंध में मुख्यमंत्री ने नकल-विरोधी कानून का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से युवाओं को योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिला है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में अब तक 33,000 से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने दोहराया कि उत्तराखंड को विकास, सुशासन और रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में विकास की गति बनी रहे और युवाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों को इसका लाभ मिले।
श्रद्धालुओं के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, प्रसाद बांटकर किया संवाद
धार्मिक कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने लोगों को प्रसाद वितरित किया और उनसे आत्मीय संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों का हालचाल जाना और बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। धार्मिक आयोजन के साथ नशामुक्ति का संदेश देने वाले इस कार्यक्रम में सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक आस्था और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।
ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
बनबसा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दर्जा राज्य मंत्री हेमा जोशी, किरण देवी, भाजपा जिला प्रभारी गुंजन सुखीजा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह और उपजिलाधिकारी पूर्णागिरि प्रमोद कुमार सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया।
