मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड क्षत्रिय कल्याण समिति की वेबसाइट एवं ‘क्षत्रिय जागरण’ स्मारिका का विमोचन करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तराखण्ड क्षत्रिय कल्याण समिति, देहरादून की वेबसाइट और ‘क्षत्रिय जागरण’ स्मारिका का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए समाजहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार, सामाजिक जागरूकता और आपसी सहयोग से सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास में समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। जब सभी वर्ग मिलकर प्रदेश की प्रगति के लिए काम करेंगे, तभी उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है।
जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने में समिति की भूमिका अहम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड क्षत्रिय कल्याण समिति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने समिति के सामाजिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के सक्षम लोगों को जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाएं सरकार और समाज के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करती हैं। ऐसी संस्थाओं के माध्यम से समाज की वास्तविक जरूरतों को समझने और जरूरतमंद लोगों तक सहयोग पहुंचाने में मदद मिलती है।
युवाओं से सामाजिक कार्यों में आगे आने की अपील
मुख्यमंत्री ने युवाओं को सामाजिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए उनसे सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा ऊर्जा, तकनीक और नए विचारों के माध्यम से समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से उत्तराखंड के विकास के लिए अपनी क्षमता का उपयोग करने और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हुए आगे बढ़ने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और उनकी सकारात्मक भागीदारी उत्तराखंड को नई दिशा दे सकती है।
‘समाज के सर्वांगीण विकास की बुनियाद है शिक्षा’
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास में शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलना जरूरी है। बच्चों को उनकी रुचि और प्रतिभा के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं है, बल्कि बच्चों को जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है। इसलिए शिक्षा के साथ बच्चों में संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना जरूरी है।
संस्कारवान युवा ही मजबूत समाज की नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। बच्चों में बचपन से ही परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संस्कार और अनुशासन से युक्त युवा न केवल अपने परिवार और समाज को आगे ले जाते हैं, बल्कि देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे युवाओं की भागीदारी से सामाजिक समस्याओं के समाधान के साथ विकास की गति को भी बढ़ाया जा सकता है।
वेबसाइट से बढ़ेगी समिति के कार्यों की पहुंच
समिति की वेबसाइट के विमोचन को डिजिटल दौर में सामाजिक गतिविधियों को अधिक लोगों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। वेबसाइट के माध्यम से समिति से जुड़ी गतिविधियों, सामाजिक कार्यों और विभिन्न पहलों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
वहीं, ‘क्षत्रिय जागरण’ स्मारिका के माध्यम से समिति की गतिविधियों, सामाजिक सरोकारों और विचारों को दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
समाज को साथ लेकर आगे बढ़ने पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की प्रगति में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं से समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद करने के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर भी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही प्रदेश में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। सरकार के प्रयासों के साथ सामाजिक संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी उत्तराखंड के विकास को और गति दे सकती है।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
विमोचन कार्यक्रम में विधायक सुरेश सिंह चौहान, दिगंबर सिंह नेगी, गोविंद बिष्ट, सोहन सिंह नेगी, आशा असवाल, धनपाल रावत, किशन भंडारी, प्रताप सिंह बिष्ट, चंदन सिंह भंडारी समेत उत्तराखण्ड क्षत्रिय कल्याण समिति के पदाधिकारी, सदस्य और अन्य लोग मौजूद रहे।
