हल्द्वानी सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने विकास कार्यों, 20-सूत्री एवं 25-सूत्री कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
हल्द्वानी। हल्द्वानी में मंगलवार को सर्किट हाउस में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जिले में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया। बैठक में जिला, राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ-साथ 20-सूत्री एवं 25-सूत्री कार्यक्रमों की सेक्टरवार समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर जीरो टॉलरेंस

समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि विभागों को जिस उद्देश्य के लिए धनराशि आवंटित की गई है, उसका उपयोग केवल उसी कार्य में होना चाहिए। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने दो टूक कहा कि यदि किसी निर्माण कार्य में गुणवत्ता खराब पाई गई तो संबंधित एजेंसी या जिम्मेदार अधिकारी से धनराशि की वसूली की जाएगी। साथ ही सभी निर्माण स्थलों पर साइट इंजीनियर की अनिवार्य मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे केवल कार्यालयी समीक्षा तक सीमित न रहें बल्कि नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि स्थलीय निगरानी से ही कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आती है और समय रहते कमियों को दूर किया जा सकता है।
रोजगार आधारित योजनाओं और कृषि पर विशेष जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने वाली योजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि, उद्यान और सहकारिता विभाग से कहा कि किसानों को वितरित किए जाने वाले उर्वरक, बीज, कृषि यंत्र और अन्य उपकरण पूरी तरह गुणवत्तायुक्त होने चाहिए।
सिंचाई विभाग को निर्देश दिए गए कि किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नहरों और गूलों की मरम्मत मानसून के दौरान प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाए।
मानसून में शत-प्रतिशत पौधारोपण का लक्ष्य
वन, उद्यान, कृषि, सहकारिता, भेषज और विकास विभागों को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान मानसून पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है। सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत पौधारोपण सुनिश्चित करें और लगाए गए पौधों के संरक्षण की भी प्रभावी व्यवस्था करें।
मानव-वन्यजीव संघर्ष वाले क्षेत्रों में पहले लगेंगी सोलर लाइटें
उरेडा विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इस वर्ष प्राप्त बजट से सोलर लाइट लगाने में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए, जहां लगातार मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सामने आती हैं।
इसके अलावा जंगलों से लगे गांवों और जिले के शैडो एरिया वाले स्थानों में भी सोलर लाइट लगाने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
बेतालघाट ट्रॉली मामले में जांच के आदेश
बैठक के दौरान बेतालघाट क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब 90 लाख रुपये की लागत से बनाई गई ट्रॉली के अभी तक संचालन शुरू न होने और कार्य अधूरा रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए और कहा कि प्रस्ताव तैयार होने से लेकर वर्तमान स्थिति तक जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी रही है, उनके खिलाफ विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाए।
20-सूत्री और 25-सूत्री कार्यक्रमों पर फोकस
जिलाधिकारी ने 20-सूत्री और 25-सूत्री कार्यक्रमों के तहत संचालित योजनाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी निर्धारित लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरे करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जो विभाग वर्तमान में डी श्रेणी में हैं, वे विशेष प्रयास कर ए श्रेणी में आने की रणनीति बनाएं। साथ ही लाभार्थी चयन में पूर्ण पारदर्शिता और शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया।
15 दिन में लंबित कार्य पूरे करने का अल्टीमेटम
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि लंबित योजनाओं की कारण सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करें और अगले 15 दिनों के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित करें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगली समीक्षा बैठक में सभी अधिकारी अद्यतन आंकड़ों, प्रगति रिपोर्ट और आवश्यक साक्ष्यों के साथ उपस्थित हों। जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे, परियोजना निदेशक डीआरडीए शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी और विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
