कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर के कर्मचारियों को तीन माह से वेतन नहीं मिलने की शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
हल्द्वानी। हल्द्वानी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिलने का मामला अब प्रशासन के संज्ञान में पहुंच गया है। कर्मचारियों की शिकायत मिलने के बाद कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नगर आयुक्त हल्द्वानी को मामले की जांच कर कर्मचारियों का लंबित वेतन जल्द से जल्द दिलाने के निर्देश दिए हैं।

यह मामला वाइटल रेडियोलॉजी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिसके माध्यम से आयुष्मान आरोग्य मंदिर में विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।
अप्रैल, मई और जून 2026 का वेतन नहीं मिलने का आरोप

कर्मचारियों द्वारा दिए गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि वे आयुष्मान आरोग्य मंदिर में नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने अप्रैल, मई और जून 2026 का वेतन अब तक जारी नहीं किया है।
कर्मचारियों का कहना है कि लगातार तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च, किराया और इलाज जैसी आवश्यक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है।
मानसिक उत्पीड़न और धमकी देने का भी आरोप
शिकायत में कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि जब भी वे अपने बकाया वेतन की मांग करते हैं तो कंपनी प्रबंधन की ओर से मानसिक दबाव बनाया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें नौकरी से निकालने और परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी जाती हैं।
शिकायत के अनुसार इस संबंध में पहले भी कंपनी प्रबंधन को मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
कुसुमखेड़ा सेंटर बंद होने की भी शिकायत
कर्मचारियों ने शिकायत में यह भी बताया कि कुसुमखेड़ा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्र को भी बंद कर दिया गया है। इससे वहां सेवाएं लेने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने प्रशासन से केंद्र को दोबारा संचालित कराने की भी मांग की है।
50 कर्मचारियों के प्रभावित होने का दावा
शिकायत के अनुसार वेतन नहीं मिलने से कुल 50 कर्मचारी प्रभावित हैं। इनमें—
- 10 चिकित्सक
- 10 फार्मासिस्ट
- 10 स्टाफ नर्स
- 10 एमपीडब्ल्यू (मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर)
- 10 सफाई कर्मचारी
शामिल बताए गए हैं।
नगर आयुक्त को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने नगर आयुक्त हल्द्वानी को निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रकरण की शीघ्र जांच कर सभी प्रभावित कर्मचारियों का लंबित वेतन जल्द दिलाया जाए।
इसके साथ ही कुसुमखेड़ा स्थित बंद केंद्र को दोबारा शुरू कराने के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा ताकि स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित न हों और कर्मचारियों को उनका बकाया भुगतान मिल सके।
