माध्यमिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने RTE प्रवेश, स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए।
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री के आयुक्त/सचिव दीपक रावत ने माध्यमिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मंडल के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और विभिन्न योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपर निदेशक माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा गजेन्द्र सिंह सौन को स्पष्ट रूप से कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में विद्यालयों की शैक्षणिक स्थिति, आधारभूत सुविधाओं, निर्माण कार्यों की प्रगति और शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
RTE दाखिलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश

बैठक के दौरान आयुक्त दीपक रावत ने शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत निजी विद्यालयों में होने वाले प्रवेशों को पूरी तरह पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आरटीई योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को ही मिलना चाहिए।
इसके लिए उन्होंने निर्देश दिए कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान प्रस्तुत किए जाने वाले आय प्रमाण पत्र, आयकर रिटर्न (ITR) तथा अन्य संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की जाए। यदि किसी आवेदन में संदेह की स्थिति हो तो उसका सत्यापन कर पात्रता सुनिश्चित की जाए।
उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में लगाई लंबी छलांग
समीक्षा बैठक में अपर निदेशक माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा गजेन्द्र सिंह सौन ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 रिपोर्ट में उत्तराखंड ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
उन्होंने बताया कि विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में राज्य 24वें स्थान से सुधार कर 15वें स्थान पर पहुंच गया है। इसे राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
मंडल में 1,107 राजकीय विद्यालय संचालित
समीक्षा के दौरान बताया गया कि मंडल में वर्तमान समय में कुल 1,107 राजकीय हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेज संचालित हैं।
इनमें शामिल हैं—
- 424 राजकीय हाईस्कूल
- 683 राजकीय इंटर कॉलेज
इसके अलावा मंडल में—
- 41 अटल उत्कृष्ट विद्यालय
- 94 पीएम श्री विद्यालय
- विभिन्न क्लस्टर विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं।
धीमी निर्माण परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश
आयुक्त दीपक रावत ने उन विद्यालयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए जहां निर्माण कार्य अभी भी धीमी गति से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहां निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि विद्यालयों में केवल भवन निर्माण ही नहीं बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शिक्षण व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
