देहरादून सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने राजनीतिक दलों से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सहयोग की अपील की।
देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक और अद्यतन बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR 2026) अभियान को लेकर गुरुवार को सचिवालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने की, जिसमें सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में अब तक हुए कार्यों की समीक्षा की गई और राजनीतिक दलों से फील्ड स्तर पर बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) का सहयोग करने की अपील की गई, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
99 प्रतिशत गणना फॉर्म का वितरण पूरा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्यभर में गणना फॉर्म वितरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
अब तक की प्रगति इस प्रकार है—
- 99 प्रतिशत गणना फॉर्म वितरित
- 20 प्रतिशत गणना फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा
- सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को रोजाना तय लक्ष्य के अनुसार डिजिटाइजेशन पूरा करने के निर्देश
उन्होंने कहा कि समयबद्ध तरीके से पूरा डेटा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा ताकि आगे की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हो सके।
76,754 ASDD मतदाता चिन्हित, अब राजनीतिक दलों की बड़ी जिम्मेदारी
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह रही कि 8 जून से शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने फील्ड सर्वे में 76,754 मतदाताओं को ASDD श्रेणी में चिन्हित किया है। ASDD श्रेणी में ऐसे मतदाता शामिल होते हैं जिनकी वर्तमान स्थिति का सत्यापन आवश्यक होता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि उनके बूथ लेवल एजेंट (BLA) आगामी 7 जुलाई से पहले BLO के साथ मिलकर इन मतदाताओं की खोज और सत्यापन में सहयोग करें। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी पात्र मतदाता गलती से मतदाता सूची से हटाया न जाए।
एक भी पात्र मतदाता नहीं छूटना चाहिए
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य किसी भी पात्र नागरिक का मतदान अधिकार प्रभावित करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन बनाना है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता का सत्यापन समय पर हो जाता है तो उसका नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहेगा। इसलिए सभी राजनीतिक दलों और उनके BLA की भूमिका इस अभियान में बेहद महत्वपूर्ण है।
जानिए SIR 2026 का पूरा कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार—
- 1 जुलाई 2026 : अर्हता तिथि
- 14 जुलाई 2026 : ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन
- 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 : दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि
- 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 : दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण
- 15 सितंबर 2026 : अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
प्रदेश में 22,900 से अधिक BLA तैनात
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड में वर्तमान में 11,733 मतदान केंद्र हैं। इनके मुकाबले विभिन्न राजनीतिक दलों ने 22,900 से अधिक बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि सभी BLA सक्रिय रूप से BLO के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें तो विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान और अधिक प्रभावी तथा सफल होगा।
बैठक में ये अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी और सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
क्या है ASDD श्रेणी?
ASDD श्रेणी में ऐसे मतदाता शामिल किए जाते हैं जिनकी वर्तमान स्थिति का फील्ड स्तर पर पुनः सत्यापन आवश्यक होता है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान BLO और BLA मिलकर ऐसे मतदाताओं की पहचान करते हैं ताकि पात्र मतदाताओं का नाम सूची में बना रहे और अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जा सके।
