नई दिल्ली में नीति आयोग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड का रोडमैप प्रस्तुत किया।
दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की बैठक में उत्तराखंड के समग्र विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब राज्यों का संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जाए। इसी सोच के साथ उत्तराखंड सरकार शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक बुनियादी ढांचे पर तेजी से काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से हिमालयी राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसी चुनौतियों के समाधान के लिए अलग नीति और दीर्घकालिक वित्तीय व्यवस्था आवश्यक है।
हिमालयी राज्यों के लिए विशेष नीति समर्थन की पैरवी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों की चुनौतियां मैदानी राज्यों से अलग हैं। यहां प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के बीच विकास का संतुलन बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि—
- हिमालयी राज्यों के लिए विशेष नीति बनाई जाए।
- जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए दीर्घकालिक वित्तीय सहायता मिले।
- आपदा प्रबंधन और पर्वतीय अवसंरचना को प्राथमिकता दी जाए।
- कार्बन न्यूट्रैलिटी और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए विशेष सहयोग दिया जाए।
मानव संसाधन ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-2047 का आधार मजबूत मानव पूंजी है। इसी उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक लगातार सुधार कर रही है।
उन्होंने बताया कि—
- हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा गया है।
- स्कूलों में स्मार्ट क्लास और वर्चुअल क्लासरूम विकसित किए जा रहे हैं।
- कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उनका कहना था कि सरकार युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना चाहती है।
AI, रोबोटिक्स और डेटा साइंस पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर आधारित होगी।
इसी दिशा में राज्य सरकार—
- देवभूमि उद्यमिता विकास योजना,
- स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम,
- उद्योग-अकादमिक सहयोग,
- आईटीआई संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने
जैसी पहलों पर कार्य कर रही है।
30 से अधिक नई नीतियों से विकास का नया मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में राज्य सरकार ने 30 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं, जिनके माध्यम से कृषि, उद्योग, पर्यटन, ऊर्जा और सेवा क्षेत्र को एकीकृत विकास मॉडल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों का सकारात्मक असर राज्य की अर्थव्यवस्था, निवेश, रोजगार और प्रति व्यक्ति आय पर दिखाई दे रहा है।
प्राकृतिक खेती से वेलनेस इकोनॉमी तक नई रणनीति
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक खेती, बागवानी, औषधीय पौधों, योग एवं वेलनेस, पर्यटन और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों को भविष्य के विकास इंजन के रूप में विकसित कर रहा है।
सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को—
- नॉलेज बेस्ड इकोनॉमी,
- वेलनेस इकोनॉमी,
- सस्टेनेबल डेवलपमेंट
का राष्ट्रीय मॉडल बनाना है।
हिमालय, गंगा और यमुना पूरे देश की धरोहर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं बल्कि देश की पर्यावरणीय और आध्यात्मिक धरोहर का संरक्षक है। हिमालय, गंगा, यमुना और विशाल वन क्षेत्र पूरे राष्ट्र की अमूल्य संपत्ति हैं।
इसी कारण इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष नीति समर्थन आवश्यक है।
सुशासन और डिजिटल तकनीक पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में भी लगातार सुधार कर रही है।
उन्होंने बताया कि—
- देवभूमि परिवार पहचान योजना,
- खनन क्षेत्र में डिजिटल निगरानी,
- भूमि उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया का ऑनलाइन सरलीकरण,
- महिला सशक्तिकरण से जुड़े सुधार
शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बना रहे हैं।
ग्रीन एनर्जी और स्थानीय रोजगार पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीरूल आधारित ऊर्जा उत्पादन जैसे नवाचार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधानमंत्री को दी बधाई, कुंभ और नंदा राजजात का निमंत्रण
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 वर्ष के रिकॉर्ड कार्यकाल के लिए बधाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री सहित नीति आयोग के सभी सदस्यों को अगले वर्ष उत्तराखंड में आयोजित होने वाले कुंभ मेला और नंदा राजजात यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
