हल्द्वानी प्रशासन ने बिना पंजीकरण संचालित हो रहे होमस्टे के खिलाफ अभियान चलाते हुए कई इकाइयों का औचक निरीक्षण किया।
हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे होमस्टे के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी Lalit Mohan Rayal के निर्देश पर रविवार को उपजिलाधिकारी हल्द्वानी प्रमोद कुमार ने परगना हल्द्वानी क्षेत्र के विभिन्न होमस्टे इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े संचालकों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने साफ कहा है कि बिना वैध पंजीकरण संचालित होने वाली किसी भी इकाई को बख्शा नहीं जाएगा।

काठगोदाम क्षेत्र में कई होमस्टे की जांच
निरीक्षण अभियान के दौरान काठगोदाम क्षेत्र में स्थित आनंदम होमस्टे, कुमाऊं द्वार होमस्टे और बिष्ट जी होमस्टे का निरीक्षण किया गया। जांच में आनंदम होमस्टे और बिष्ट जी होमस्टे बिना वैध पंजीकरण के संचालित होते पाए गए। SDM प्रमोद कुमार ने मौके पर उपलब्ध दस्तावेजों, आगंतुक पंजीकरण रजिस्टर, साफ-सफाई व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से जांच की।

बिना रजिस्ट्रेशन संचालन पर रोक
निरीक्षण के दौरान संबंधित संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जब तक वैध पंजीकरण नहीं कराया जाता, तब तक होमस्टे का संचालन नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में बिना वैध पंजीकरण के संचालन करते हुए कोई होमस्टे पाया गया तो उसे नियमानुसार सीलबंद कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुछ होमस्टे बंद मिले, कुछ संचालक मौके पर नहीं पहुंचे
निरीक्षण के दौरान कुछ होमस्टे बंद अवस्था में मिले जबकि कुछ स्थानों पर संचालक मौजूद नहीं पाए गए। प्रशासन ने ऐसे मामलों को भी गंभीरता से लिया है और संबंधित इकाइयों की दोबारा जांच की तैयारी शुरू कर दी है।
पर्यटन इकाइयों पर लगातार जारी रहेगा अभियान
उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने कहा कि परगना हल्द्वानी और जनपद क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे होमस्टे और अन्य पर्यटन इकाइयों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों और मानकों का पालन करना सभी संचालकों के लिए अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने संचालकों से की अपील
जिला प्रशासन ने सभी होमस्टे संचालकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने प्रतिष्ठानों का वैध पंजीकरण कराएं और पर्यटन विभाग व शासन की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करें। प्रशासन का कहना है कि इससे पर्यटकों की सुरक्षा, पारदर्शिता और पर्यटन व्यवस्था बेहतर होगी।
