धामी सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड में आस्था और एडवेंचर टूरिज्म को मिला नया आयाम
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य सरकार ने आस्था, एडवेंचर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को एक साथ जोड़कर पर्यटन को नई दिशा दी है। यही कारण है कि उत्तराखंड अब देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है।

रोपवे परियोजनाएं: यात्रा होगी आसान और सुरक्षित
राज्य में तीर्थ यात्राओं को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर रोपवे परियोजनाएं शुरू की गई हैं।

- केदारनाथ धाम के लिए सोनप्रयाग से 12.9 किमी लंबा रोपवे, जिसकी लागत लगभग ₹4,081 करोड़
- हेमकुंड साहिब के लिए गोविंदघाट से 12.4 किमी रोपवे, जिसकी लागत लगभग ₹2,730 करोड़
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यात्रियों का समय बचेगा और कठिन पहाड़ी यात्रा काफी आसान हो जाएगी।
शीतकालीन यात्रा और धार्मिक सर्किट को बढ़ावा
उत्तराखंड ने पहली बार शीतकालीन यात्रा की शुरुआत कर पर्यटन को पूरे साल सक्रिय बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
इस पहल को प्रोत्साहित करने के लिए नरेंद्र मोदी स्वयं मुखवा पहुंचे, जो मां गंगा का शीतकालीन निवास स्थल है।
मानसखंड मंदिर माला मिशन
कुमाऊं क्षेत्र में 48 मंदिरों और गुरुद्वारों को जोड़कर धार्मिक सर्किट विकसित किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिल रही है।
धामों का कायाकल्प: आध्यात्मिकता के साथ आधुनिकता
राज्य के प्रमुख धामों का तेजी से पुनर्विकास किया जा रहा है:
- केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य जारी
- बदरीनाथ को स्मार्ट आध्यात्मिक हिल टाउन के रूप में विकसित करने के लिए ₹255 करोड़ की योजनाएं
- महासू मंदिर हनोल और यमुना तट पर नए धार्मिक स्थलों का विकास
ये प्रयास धार्मिक पर्यटन को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ रहे हैं।
एडवेंचर और स्पोर्ट्स टूरिज्म में नई पहचान
उत्तराखंड को एडवेंचर टूरिज्म हब बनाने के लिए सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं:
- 83 हिमालयी चोटियां पर्वतारोहण के लिए खोली गईं
- आदि कैलाश में पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन
- 22 राज्यों से 700+ प्रतिभागियों की भागीदारी
इसके अलावा:
- ट्रेकिंग
- रिवर राफ्टिंग
- स्टार गेजिंग
जैसी गतिविधियां तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।
वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभरता उत्तराखंड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “Wed in Uttarakhand” अपील के बाद राज्य अब एक उभरता हुआ वेडिंग डेस्टिनेशन भी बन रहा है। प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण इसे शादियों के लिए खास बनाते हैं।
निष्कर्ष: “आस्था के साथ आधुनिकता” का सफल मॉडल
पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड ने पर्यटन के क्षेत्र में एक संतुलित और प्रभावी मॉडल पेश किया है, जहां आस्था, रोमांच और इंफ्रास्ट्रक्चर का समावेश देखने को मिलता है।
रोपवे परियोजनाएं, धार्मिक सर्किट, धामों का पुनर्विकास और एडवेंचर गतिविधियों का विस्तार—इन सभी प्रयासों ने उत्तराखंड को पर्यटन के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान दिलाई है।
