भैयादूज के दिन मां यमुना के कपाट होंगे बंद — यमुनोत्री धाम की शीतकालीन यात्रा समाप्त।
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में सर्दियों की दस्तक के साथ ही चारधाम यात्रा के समापन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। भैयादूज के दिन 23 अक्टूबर को मां यमुना के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसी के साथ यमुनोत्री धाम की शीतकालीन यात्रा का भी समापन होगा।

इसके एक दिन पहले 22 अक्टूबर को गंगोत्री धाम के कपाट बंद होंगे। हर साल की तरह इस बार भी भक्तों की भीड़ धीरे-धीरे धामों से लौटने लगी है। ठंड बढ़ने के कारण पहाड़ों पर सन्नाटा बढ़ने लगा है और श्रद्धालु मां के शीतकालीन प्रवास स्थल की ओर दर्शन के लिए जाएंगे।
मां गंगा के कपाट बंद होने के बाद श्रद्धालु उनके दर्शन मुखवा गांव में करेंगे, जबकि मां यमुना की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं को खरसाली गांव में छह माह तक दर्शन का अवसर मिलेगा। इस बीच मंदिर समिति और पंडा समाज कपाट बंदी की पारंपरिक तैयारियों में जुट गए हैं। वहीं होटल और ढाबा संचालक भी अपना सीजनल कारोबार समेटने लगे हैं।

उत्तरकाशी जिले में जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, वैसे ही धार्मिक माहौल में पारंपरिक उल्लास भी दिखने लगा है। मां के मायके मुखवा और खरसाली गांव में हर साल की तरह भव्य धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।
