उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या हल्द्वानी में आयोजित आंचल मैराथन प्रतियोगिता में विजेताओं को सम्मानित करते हुए।
हल्द्वानी। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को हल्द्वानी के इंपीरियम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ‘आंचल मैराथन दौड़ प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं और छात्राओं ने भाग लिया।

मुख्य अतिथि राज्य की खेल एवं महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्या ने प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मैराथन केवल दौड़ नहीं, बल्कि यह फिटनेस, लगन और निरंतरता का प्रतीक है।
“फिट रहो, आगे बढ़ो” — खेल मंत्री रेखा आर्या

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मैराथन हमें सिखाती है कि हर परिस्थिति में उम्मीद का दामन थामे रखना चाहिए। युवाओं को जीवन में फिटनेस और अनुशासन को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि स्वस्थ शरीर ही सफलता की असली पूंजी है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं चला रही है।
- प्रदेश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी दी जा रही है।
- सरकारी नौकरियों में 4% आरक्षण की व्यवस्था की गई है।
- खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्यभर में खेल मैदानों और स्पोर्ट्स सेंटरों का विकास किया जा रहा है।
विजेताओं ने बढ़ाया प्रदेश का मान
‘आंचल मैराथन दौड़’ में बालक वर्ग में नीरज नेगी ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि तुषार दूसरे और सौरभ रावत तीसरे स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में पूजा बिष्ट ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, मेघा गोस्वामी द्वितीय और अनु भट्ट तृतीय स्थान पर रहीं। सभी विजेताओं को खेल मंत्री रेखा आर्या ने मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में दिखा उत्साह और ऊर्जा
कार्यक्रम के दौरान युवाओं और छात्राओं में गजब का उत्साह देखने को मिला। दर्शकों ने विजेताओं का तालियों से स्वागत किया। इस अवसर पर दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा, पूर्व विधायक नवीन चंद्र दुमका, प्रदेश महामंत्री युवा मोर्चा दीपेंद्र कोश्यारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष पान सिंह मेवाड़ी, गोपाल सिंह गंगोला, दीपा रैक्वाल, प्रकाश गाजुला, दीपा बिष्ट, अशोक जोशी सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
उत्तराखंड में खेलों का स्वर्णिम भविष्य
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड की युवा पीढ़ी में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार की नीति यही है कि गांव-गांव से खिलाड़ियों को पहचान दी जाए और उन्हें प्रशिक्षण व अवसर मिलें। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे फिटनेस और खेल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, ताकि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में वे अग्रणी भूमिका निभा सकें।
