पहाड़ से मैदान तक बारिश का कहर
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहाड़ी जिलों से लेकर मैदानों तक बादल डेरा डाले हुए हैं। लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों में आज भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले तीन दिनों के लिए रेड अलर्ट प्रभावी रहेगा, जबकि उधम सिंह नगर और अन्य पर्वतीय जिलों में येलो अलर्ट घोषित है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, सितंबर के पहले सप्ताह में बारिश सामान्य से अधिक रहेगी, जबकि दूसरे सप्ताह में इसका असर कुछ धीमा पड़ सकता है।

166 सड़कें बंद, 7 पुल बहे
बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 166 सड़कें बाधित हैं, जबकि 7 पुल बह चुके हैं। इससे कई क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है।
155 गांवों में बिजली गुल
आपदा का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। प्रदेश के 155 गांवों में बिजली ठप है, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
चमोली का हाल
- नंदा नगर बाजार मलबे की चपेट में आ गया है।
- चार मकान और चार गौशालाएं क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
- बाजार की 25 दुकानें खतरे की जद में हैं।
- मलारी हाईवे लगातार बारिश और मलबा आने से बंद पड़ा था, जिसे 56 घंटे बाद खोला गया।
कुमाऊं क्षेत्र में स्थिति
दारमा और व्यास घाटियों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। चीन सीमा से जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख और सोबला सड़क पहाड़ी दरकने से बंद हो गई हैं।
