किसानों को मिलेगा डिजिटल मंच
देहरादून। उत्तराखंड में पहली बार प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए ई-मंडी की शुरुआत की जा रही है। इस मंच से किसानों को अपने उत्पादों का सही मूल्य मिलेगा और उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

सभी जिले और ब्लॉक होंगे जुड़े
इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों और ब्लॉकों को ई-मंडी से जोड़ा जाएगा। किसान अपने उत्पादों को सीधे इस डिजिटल मंच पर उपलब्ध करा सकेंगे, जिससे उनका बाजार व्यापक स्तर तक पहुँच पाएगा।

प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
ई-मंडी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि प्रदेश में प्राकृतिक और जैविक खेती को योजनाबद्ध तरीके से प्रोत्साहन मिलेगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
सरकार की पहल से किसानों में उत्साह
राज्य सरकार की इस पहल से किसानों में खासा उत्साह है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मंडी किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है और आने वाले समय में यह मॉडल पूरे देश के लिए मिसाल बन सकता है।
