हाईकोर्ट ने उपनल कर्मचारियों के रेगुलराइजेशन और न्यूनतम वेतन पर सरकार से फरवरी तक जवाब मांगा।
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उपनल कर्मचारियों के रेगुलराइजेशन मामले में सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को फरवरी 2026 तक स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया है। अदालत ने साफ कहा है कि कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन (Minimum Salary) दिया जाए और रेगुलर करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

सरकार बोली—अब सैलरी से GST की कटौती नहीं होगी
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि अब उपनल कर्मचारियों की सैलरी से GST का पैसा नहीं काटा जाएगा। सरकार ने कहा कि इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सके।

मामले की जांच के लिए कमेटी गठित—दिसंबर में आएगी रिपोर्ट
सरकार ने कोर्ट को सूचित किया कि पूरे मुद्दे की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर दी गई है। यह कमेटी उपनल कर्मचारियों की सेवा शर्तों, वेतनमान और रेगुलराइजेशन प्रक्रिया से जुड़े बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है।
सरकार ने आश्वासन दिया कि दिसंबर 2025 तक कमेटी की रिपोर्ट जमा कर दी जाएगी।
अवमानना याचिका पर अगली सुनवाई 12 फरवरी 2026 को
हाईकोर्ट ने लंबित अवमानना याचिका पर राज्य सरकार से अगली रिपोर्ट 12 फरवरी 2026 को मांगी है। अदालत ने कहा कि अगर सरकार समय पर कार्रवाई नहीं करती है, तो कड़ा रुख अपनाया जा सकता है।
