आपदा से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करती पीडीएनए टीम
देहरादून। उत्तराखंड में इस साल मानसून सीजन में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से सड़कों, बिजली, पानी की लाइनों समेत पर्यटन और आजीविका को बड़ा नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने भारत सरकार से स्पेशल पैकेज के लिए कवायद शुरू कर दी है।

पीडीएनए प्रक्रिया बुधवार से शुरू
राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि बुधवार से भारत सरकार की चार टीमें “पीडीएनए” प्रक्रिया शुरू करेंगी। यह टीमें सभी जनपदों में जाकर नुकसान का आकलन करेंगी। जनपद स्तर पर जिलाधिकारी और विभागाध्यक्ष इस प्रक्रिया को लीड करेंगे।

पर्यटन और आजीविका को भी पहुंचा नुकसान
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, आपदा से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालक, टैक्सी ड्राइवर, तीर्थ पुरोहित, टूरिस्ट गाइड, किसान और फल-फूल विक्रेताओं की आजीविका पर बुरा असर पड़ा है। सभी जनपदों को इस नुकसान का आकलन रिपोर्ट में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
जल्द बहाल होंगी सड़कें और बिजली-पानी की लाइनें
मुख्यमंत्री धामी ने आदेश दिया है कि बंद सड़कों को जल्द खोला जाए और बारिश रुकते ही पैचवर्क का काम शुरू किया जाए। बिजली और पानी की लाइनों की मरम्मत में किसी भी तरह की देरी न हो।
विभागाध्यक्ष करेंगे फील्ड विजिट
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि अगले हफ्ते से सभी विभागाध्यक्ष फील्ड विजिट करेंगे। वे जिलाधिकारियों से मिलकर पुनर्निर्माण कार्यों को गति देने के लिए समन्वय स्थापित करेंगे।
