क्रेच कम पालना केंद्र में बच्चे खेलते और सीखते हुए, देखभाल करती आंगनवाड़ी कार्यकर्ता।
हल्द्वानी। उत्तराखंड में कामकाजी माताओं को राहत देने और छोटे बच्चों की सुरक्षित देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आंगनवाड़ी क्रेच कम पालना केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल संवेदनशील और जनहितकारी शासन का उदाहरण बन रही है।

इस योजना के तहत 6 महीने से 6 वर्ष तक के बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और स्नेहपूर्ण वातावरण में देखभाल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि माताएं निश्चिंत होकर अपने कार्यस्थलों पर जा सकें और महिला श्रम बल भागीदारी को बढ़ावा मिल सके।
हल्द्वानी और रामनगर में 7 केंद्र संचालित

हल्द्वानी और रामनगर विकासखंडों में वर्तमान में कुल 7 क्रेच कम पालना केंद्र सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों में बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जैसे:
- खेल-कूद और रचनात्मक गतिविधियां
- पौष्टिक भोजन और नाश्ता
- आरामदायक विश्राम एवं सोने की व्यवस्था
- प्रारंभिक शिक्षा और सीखने की गतिविधियां
इन सुविधाओं से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास में मदद मिल रही है।
माताओं के लिए भरोसे का केंद्र
यह पहल कामकाजी माताओं के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। पहले जहां छोटे बच्चों की देखभाल एक बड़ी चिंता थी, वहीं अब माताएं निश्चिंत होकर रोजगार, स्वरोजगार या अन्य कार्यों में भाग ले पा रही हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ रहे हैं।
संवेदनशील शासन का उदाहरण
राज्य सरकार का यह प्रयास केवल बच्चों की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को भी मजबूत कर रहा है। “सशक्त महिला — सुरक्षित बचपन” का संकल्प इन क्रेच केंद्रों के माध्यम से धरातल पर साकार होता दिखाई दे रहा है।
उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव
ये क्रेच केंद्र केवल देखभाल के स्थान नहीं, बल्कि उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। सुरक्षित और पोषित बचपन से ही स्वस्थ, शिक्षित और आत्मविश्वासी समाज का निर्माण संभव है।
