सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा — अर्बन नक्सल गैंग राज्य में जिहादी मानसिकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में अब एक नया शब्द गूंज रहा है — “अर्बन नक्सल गैंग”। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक सार्वजनिक मंच से बड़ा बयान देते हुए कहा कि कुछ लोग प्रदेश में विकास की रफ्तार को रोकने और जिहादी मानसिकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है। लेकिन कुछ अर्बन नक्सल गैंग के लोग विकास के इस सफर को रोकना चाहते हैं। उनके इरादे खतरनाक हैं। वे प्रदेश में जिहादी सोच का वातावरण बनाना चाहते हैं।”

सरकार नहीं झुकेगी – सीएम धामी
मुख्यमंत्री धामी ने अपने बयान में साफ कहा कि उनकी सरकार ऐसे तत्वों को किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम किसी भी हाल में ऐसे लोगों को प्रदेश का माहौल खराब करने नहीं देंगे। अगर इसके लिए कुछ भी करना पड़े, तो सरकार पीछे नहीं हटेगी।

‘अर्बन नक्सल’ शब्द का राजनीतिक संदर्भ
‘अर्बन नक्सल’ शब्द आम तौर पर उन शहरी बुद्धिजीवियों, संगठनों या समूहों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जिन पर आरोप होता है कि वे नक्सली विचारधारा को शहरी क्षेत्रों में फैलाते हैं या उसका समर्थन करते हैं। हाल के वर्षों में यह शब्द भारतीय राजनीति में राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है। अब इस शब्द का प्रयोग उत्तराखंड की राजनीति में भी तेज बहस को जन्म दे सकता है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया संभव
हालांकि अभी विपक्ष की ओर से इस बयान पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा गर्म राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है। विपक्ष अक्सर सरकार पर विकास के बजाय ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाता रहा है। ऐसे में सीएम धामी का यह बयान चुनावी माहौल में बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
