देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के भीतर घमासान मचा हुआ है। पार्टी को खुद को “अनुशासित” कहने के बावजूद उसके विधायक और दायित्वधारी अब मीडिया के जरिए एक-दूसरे पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

चुफाल बनाम हेमराज बजरंगी
बीजेपी विधायक बिशन सिंह चुफाल ने हाल ही में पार्टी के दायित्वधारी हेमराज बजरंगी पर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में हेमराज ने भी चुफ़ाल पर ही निशाना साध दिया। इस बयानबाजी से पार्टी के अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गए हैं।

पार्टी मंच पर भरोसा क्यों नहीं?
राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के नेता अब पार्टी प्लेटफॉर्म पर भरोसा नहीं कर रहे? क्योंकि आपसी मतभेदों को सुलझाने की बजाय दोनों ही पक्ष मीडिया के माध्यम से अपनी बातें कह रहे हैं।
बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का हस्तक्षेप
मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सामने आए। उन्होंने कहा कि उनकी दोनों नेताओं से बातचीत हुई है और उन्हें साफ नसीहत दी गई है कि सभी मुद्दे पार्टी फोरम पर ही उठाए जाएं। साथ ही महेंद्र भट्ट ने चुफ़ाल को विशेष तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि किसी विधायक को सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करने से पहले सोचना चाहिए।
